विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शिशु और मातृ मृत्यु दर रोकने के लिए राज्य सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपये स्वास्थ्य अमले पर खर्च कर रही है, इसके बावजूद मैदानी अमला संस्थागत प्रसव को लेकर गंभीर नहीं है। जिले में अब भी चार स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी महिला का प्रसव नहीं हुआ। यह तथ्य जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सामने आया है। जानकारी के अनुसार कलेक्टर डॉ. पंकज जैन ने जब संस्थागत प्रसव के कार्यो की समीक्षा की तो पता चला कि लटेरी तहसील के धनवास, उनारसी कला, नटेरन तहसील के हिनोतिया माली एवं सिरोंज तहसील के बामोरी शाला स्वास्थ्य केंद्रों पर अब तक एक भी प्रसव नहीं हुए हैं।

उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए चारों केंद्रों के प्रभारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. केएस अहिरवार को निर्देश दिए कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी प्रसव केंद्र के रूप में विकसित करें। समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के शहरी क्षेत्र विदिशा,गंजबासौदा एवं ग्यारसपुर में गर्भवती महिलाओं का पंजीयन औसत से भी कम है। कलेक्टर ने तीनों बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है।

Posted By: Prashant Pandey

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