पठारी। भोपाल से आई लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को तहसील के राजस्व निरीक्षक को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया जब वह एक किसान से बंटान और सीमांकन के नाम पर 10 हजार की रिश्वत ले रहा था। पठारी क्षेत्र में यह पहला मामला है जब किसी अधिकारी पर लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की है। पठारी के अलावा सागर लोकायुक्त की टीम ने राजस्व निरीक्षक राकेश जाटव के बीना के मकान पर छापा मारकर परिजनों से पूछताछ की एवं घर की तलाशी लेकर महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूतों को इकट्ठे करने की कार्रवाई की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पठारी तहसील के राजस्व निरीक्षक कार्यालय में भोपाल की लोकायुक्त की टीम ने छापा मारते हुए राजस्व निरीक्षक राकेश जाटव को दस हजार रुपया की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे निरीक्षक डॉ सलिल ने बताया कि 12 जून को फरियादी धनवंतरी नगर जबलपुर निवासी दिनेश परमार ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को आवेदन सौंपा था। आवेदन में फरियादी ने शिकायत की थी तहसील पठारी के ग्राम सतोह में आवेदक के पिता गोपाल परमार की कृषि भूमि है। जिसके बटांन और सीमांकन के लिए राजस्व निरीक्षक श्री जाटव 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत का सत्यापन कर टीम गठित की। रिश्वत की पहली रकम दस हजार लेकर जब फरियादी दिनेश आरोपित राजस्व निरीक्षक राकेश जाटव के पास पहुंचे और उनके द्वारा रिश्वत की राशि आरआई द्वारा लेते ही टीम ने रंगे पकड़ लिया। 20 हजार रुपए की राशि बाद में देना तय किया गया। इधर टीम के एक अधिकारी के अनुसार राजस्व निरीक्षक राकेश जाटव के ट्रैप होने के बाद आरोपित पर रिश्वत लेने का मामला दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/1988 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। इस मामले में चार पटवारियों के नाम शामिल है जिनकी विवेचना जारी है।