विदिशा( नवदुनिया प्रतिनिधि)। बारिश ने 10 दिन पहले अचानक यूरिया की डिमांड बढ़ा दी है। जिसके चलते एक बार फिर यूरिया की किल्लत शुरू हो गई है। जिले की सोसायटियों में यूरिया नहीं मिलने के कारण बाजार में निजी दुकानों पर ब्लैक में करीब 200 रुपये अधिक 450 रुपये की बोरी मिल रही है। जिससे किसान परेशान हैं। इधर कृषि विभाग उप संचालक पीके चौकसे का कहना है कि बुधवार तक तीन हजार टन यूरिया मिलने की उम्मीद है।

बता दें कि इस साल यूरिया की शुरू से ही किल्लत शुरू हो गई थी। बीच-बीच में हुई बारिश के कारण भी इस साल यूरिया की डिमांड अधिक है। कृषि विभाग ने इस साल 55 हजार मैट्रिक टन यूरिया का लक्ष्‌य रखा था। जबकि अभी तक 38 हजार मैट्रिक टन यूरिया ही जिले को मिला है। हालात यह हैं कि दिसंबर का भी पूरा कोटा अभी तक नहीं आया। जबकि जनवरी माह का एक सप्ताह बीतने जा रह है। ग्राम डंगरबाड़ा के किसान विकास बघेल का कहना है कि हमारी थान्देंर सोसायटी में यूरिया नहीं मिल रहा। बारिश होने के कारण यूरिया का छिड़काव करना है। ऐसी स्थिति में वह अहमदपुर रोड स्थित विदिशा की एक निजी दुकान से 450 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से यूरिया लेकर गए हैं। ग्राम खजरूी के किसान उपेंद्र यादव ने बताया कि बिछिया सोसायटी में यूरिया नहीं मिलने के कारण वह परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में उन्हें यूरिया का छिड़काव करना है। ढ़कना-चकना के किसान हरिनारायण श्रीवास्तव का कहना है कि निजी दुकानों पर यूरिया की बोरी के साथ एक बोतल भी दी जा रही है। जिससे 511 रूपये की बोरी पढ़ रही है। व्यापारी पराग बंसल का कहना है कि उनकी दुकान पर रोज 50 से 100 किसान आ रहे हैं, लेकिन उनके पास कई दिन से यूरिया नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local