विदिशा, Gopashtami 2020। गोपाष्टमी के मौके पर हर साल श्री गोपाल कृष्ण गोशाला द्वारा शहर के मुख्य मार्गो से गोमाताओं की शोभायात्रा निकाली जाती थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस साल शोभायात्रा नहीं निकाली गई। सुबह शहर सहित आसपास की गोशालाओं में ही गोमाता को हरी घास खिलाकर पूजन किया गया। दीपावली के बाद हर साल गोपाष्टमी के दिन शहर की गोशालाओं में अलग-अलग तरह के आयोजन किए जाते थे। श्री गोपाल कृष्ण गोशाला में 75 से 100 गायों को सजा कर शहर में शोभायात्रा निकाली जाती थी। शहर के बरईपुरा चौराहा, कृषि उपज मंडी, पीतल मिल चौराहा, खरी फाटक रोड, माधवगंज, तिलक चौक, करपात्री चौक, लोहा बाजार और रामलीला चौराहे से होते हुए शोभायात्रा गोशाला में पहुंचकर संपन्न होती थी। इस दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालु गो माता की आरती उतारकर पूजन करते थे। कृषि उपज मंडी में व्यापारी हरी घास खिलाते थे, तो पीतलमिल चौराहा पर श्रद्धालु पूरी और गुड़ खिलाकर गो माता की पूजन करते थे।

गो ग्रास के लिए मिलता था दान

सुबह करीब 10 बजे गोशाला से शोभायात्रा शुरू होती थी, जो शाम को करीब 6:00 बजे गोशाला में पहुंचकर संपन्न होती थी। दिन भर शहर की सड़कों और चौराहों पर गोमाता की पूजन के दौरान श्रद्धालु गो ग्रास के लिए भी बड़ी संख्या में दान करते थे। लेकिन इस साल गोशाला को गो ग्रास के लिए यह हजारों रुपये की राशि नहीं मिल सकी।

करपात्री चौक पर होती थी धर्म सभा

शाम के समय जब गोमाता की शोभायात्रा करपात्री चौक पहुंचती थी, तो वहां पर अखिल भारतीय सर्वदलीय गोरक्षा माहभियान समिति और अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ के बैनर तले 1966 में शहीद हुए गो भक्तों को श्रद्धांजलि दी जाती थी। जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। लेकिन इस साल यह कार्यक्रम भी नहीं हो सका।

Posted By: Prashant Pandey

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