विदिशा(नवदुनिया प्रतिनिधि)। बिहार राज्य में पुलिस विभाग के मुखिया रहे गुप्तेश्वर पांडेय विदिशा के बंटीनगर रोड स्थित साईं एन्क्लेव कालोनी में सात दिवसीय भागवत कथा सुनाकर शहर के लोगों में भक्तिभाव जागृत कर रहे हैं। कथा वाचक बने गुप्तेश्वर पांडे पहली बार मप्र में आए हैं। वे यहां दस दिसंबर तक कथा सुनाएंगे।

बंटीनगर रोड स्थित साईं एन्क्लेव में आचार्य लखन प्रसाद शास्त्री द्वारा अपने पुत्र वाचस्पति चतुर्वेदी की स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। उसमें कथावाचक के रूप में बिहार के भूत पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय सुदंर भजनों के साथ संगीतमय भावगत कथा सुना रहे हैं। रविवार को कथा के दूसरे दिन उन्होंने भीष्म स्तुति व परीक्षित के जन्म की कथा का बड़ा ही सुंदर वर्णन किय। उन्होंने कहा कि भोग के संस्कार चित में दृढ़ होते हैं, अलौकिक कानून को सभी को मानना होता है, भोग का संस्कार हमेशा नीचे की ओर ले जाता है। संसार में आए हैं तो संसार के प्रति आकर्षण होना स्वाभाविक है परंतु भारतीय संस्कृति में ऐश्वर्य कि नहीं बल्कि हमेशा त्याग की विजय गाथा सुनाई गई है। उन्होंने बताया की आत्मा का जीव के साथ भी अस्तित्व है और जीव से अलग होने पर भी अस्तित्व है और यही परम सत्य है।गौरतलब है कि गुप्तेश्वर पांडेय ने फिल्म अभिनेता सुश्ाांत सिंह की मौत के बाद उसे न्याय दिलाने लड़ाई लड़ी और मामले की सीबीआइ जांच हो सकी।

कथा सुनाते हुए भावुक हो जाते हैं पांडेय

आयोजन की सहयोगी निरीक्षक राखी वीरेंद्र झा ने बताया कि दर्शकों का समूह श्री पांडेय की कथा सुनने के दौरान भाव विभोर हो जाते हैं। वे कथा सुनाते हुए स्वयं बेहद भावुक हो जाते हैं। उनके द्वारा गाए गए भजनों के दौरान महिला वर्ग और पुरुष वर्ग भाव विभोर होकर नृत्य करने से खुद को रोक नहीं पाते। राखी झा ने बताया कि वे वृंदावन से यहां आए हैं और पहली बार मप्र में आए हैं। वे हनुमान जी के परम भक्त भी हैं, उन्हें अध्यात्म का इतना ज्ञान है कि लगता ही नहीं कि वे पुलिस विभाग में इतने बड़े पद पर पदस्थ रह चुके हैं। वे संस्कृत के विद्वान हैं।

Posted By: Lalit Katariya

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