अंबुज माहेश्वरी, रायसेन/विदिशा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की सहजता और सादगी को आज भी वो भाजपाई याद करते हैं जो सन 1991 में विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र से उनके चुनाव लड़ने के साक्षी रहे हैं। उस दौर में प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद दिखावे से दूर बेहद सामान्य व्यवस्था के बीच रहने और चुनावी सभा करने के आदी अटलजी ने कभी कमियों पर उफ् तक नहीं किया। कभी बिना कूलर के सोना पड़ा, तो कभी खाना बासी हो जाने पर चुपचाप खा लिया, लेकिन किसी पर नाराज नहीं हुए।

अटलजी की सादगी और सहजता से जुड़े संस्मरण पूर्व मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने नईदुनिया से साझा किए। हंसकर बोले... लगता है आपको पहचानता है ये मेंढक : डॉ. शेजवार ने बताया कि 1991 के चुनाव में सांची क्षेत्र के देहगांव में एक चुनावी सभा करके अटलजी को हेलीकॉप्टर से बैतूल जिले के पांढुर्णा जाना था। पायलट ने बताया कि ईंधन कम है, तो नहीं जा पाएंगे। तब फिएट कार से हम रायसेन आए। यहां रेस्ट हाउस में रुके। कुछ देर बाद देखा अटलजी स्नान करने की बजाए बाहर टहल रहे हैं। मैंने कारण पूछा तो बोले अंदर बड़ा मेंढक है। जब मैंने पटिए से मेंढक को बाहर कर दिया तो अटलजी मुस्कुराकर बोले लगता है आपको पहचानता था ये मेंढक।

डॉ. शेजवार के मुताबिक सर्किट हाउस में ही हमें देहगांव से कार्यकर्ता द्वारा रखा गया भोजन करना था। हमने खाना परोसा। चूंकि गर्म सब्जी प्लास्टिक के डब्बे में रख दी गई थी और गर्मी के दिन थे। लिहाजा वो खराब हो गई थी। अटलजी पूड़ी भी नहीं खाते थे, लेकिन सामने परोसे गए भोजन पर बिना कोई सवाल किए उन्होंने पूड़ी से बासी सब्जी खा ली। हम डर के कारण कुछ नहीं बोल पाए, लेकिन बाद में भी उन्होंने हमसे कुछ नहीं कहा।

जोर से हंस पड़े थे

अटलजी के चुनाव में वे सबसे ज्यादा उस समय हंसते थे, जब भाषण देते समय शिवराज कहते थे कि अटलजी के व्यक्तित्व से किसी की तुलना संभव ही नहीं है। शिवराज जब अटलजी की तरफ इशारा करके बोले कि कहां मूंछ का बाल और प्रतिद्वंद्वी दल की तरफ इशारा कर बोले कहां पूंछ का बाल... तो अटलजी जोर से हंसे और बोले क्या बोलता है भाई।

कूलर-लाइट का एक ही स्विच

गंजबासौदा में एक सभा के बाद रात्रि विश्राम का किस्सा बताते हुए डॉ. शेजवार ने कहा कि एक सामान्य मकान के दो कमरों में हमारे रुकने की व्यवस्था थी। एक कमरे में अटलजी रुके थे। सुबह जब हमने पूछा नींद कैसी आई आपको...तो वे जोर से हंसते हुए बोले कूलर और लाइट का स्विच एक ही था। कुछ देर कूलर में, तो कुछ देर बिना कूलर के सोया।

बहुत अच्छा बोलते हैं हमारे प्रत्याशी, भाजपा को वोट दें

एक बार अटलजी विदिशा के बाद दूसरे संसदीय क्षेत्र में चुनावी सभा लेने गए। रात के 10 बजने वाले थे। प्रत्याशी ने उनसे पहले 5 मिनट बोलने की अनुमति मांगी और वे 50 मिनट तक लगातार बोल गए। अटलजी के पास बोलने समय नहीं बचा। फिर उन्होंने माइक थामा और हंसते हुए कहा कि हमारे प्रत्याशी बहुत अच्छा बोलते हैं। आप सब भाजपा को वोट दें और इन्हें जरूर जिताएं। बाद में अटलजी बहुत हंसे और बोले मेरे लिए बोलने कुछ छोड़ा ही नहीं था।

Posted By: Prashant Pandey

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