विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि) श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इस साल 14 और 15 जनवरी दो दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु बेतवा सहित स्थानीय नदियों में स्नान कर तिल, गुड़ आदि से बने लड्डुओं और खिचड़ी का दान करते हैं, लेकिन इस साल लड्डू बनाने वाली सामग्री भी महंगाई की चपेट में है।

बता दें कि संक्राति को लेकर लोगों ने लड्डू बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में जगह-जगह राजगिर, तिल, बेसन, रवा और गुड़ की बिक्री शुरू हो गई है, लेकिन इस साल यह सामग्री 15 फीसद से भी ज्यादा महंगी हो गई है। जिसके चलते लोग कम मात्रा में ही खरीद रहे हैं। पिछले साल 120 से 140 रुपये प्रति किलो में तिल आसानी से मिल रही थी। इस साल तिल के भाव 120 रुपये से लेकर 180 रुपये तक पहुंच गए हैं। वहीं गुड़ भी पिछले साल की अपेक्षा करीब 5 रुपये प्रति किलो महंगा बताया जा रहा है। गुड़ व्यापारी कमलेश अहिरवार ने बताया कि 35 से 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गुड़ बेच रहे हैं। गोलू प्रजापति ने बताया कि इस साल तिल 20 रुपये प्रति किलो से अधिक महंगी हो गई है। जिसके चलते लोग कम मात्रा में खरीद रहे हैं। लड्डुओं में डलने वाला किराना प्रति किलो 80 से 100 रुपये तक महंगा हो गया है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि मकर संक्रांति के तीन-चार दिन पहले बिक्री में तेजी आने की संभावना लग रही है।

14 की दोपहर से हो जाएगा पुण्यकाल शुरू

इस साल मकर संक्रांति को लेकर भी पंचांगों में अलग-अलग मत दिए गए हैं जिसके चलते विद्वान ब्राम्हण भी अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं। ज्योतिषाचार्य एवं चरणतीर्थ मंदिर के पुजारी संजय पुरोहित का कहना है कि 14 जनवरी की रात में 8.40 बजे संक्रांति अर्की है। इसलिए इसका पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय के साथ ही शुरू होगा। इसी दिन भगवान श्रीराम गंगा पूजन करने चरणतीर्थ पहुंचेंगे। उनका कहना है कि रात में स्नान करने का कोई विधान नहीं है। इधर ज्योतिषाचार्य पंडित ब्रजराज चतुर्वेदी का कहना है कि 14 जनवरी को दोपहर में 2 बजकर 40 मिनट से पर्व शुरू हो जाएगा। उनका मत है कि सूर्य का मकर में प्रवेश करने से 6 घंटे पहले स्नान शुरू किए जा सकते हैं। जिसके चलते 14 को और अगले दिन 15 को भी दोपहर उत्तरायण पर्व काल रहेगा।

महंगाई कम होगी, गर्मी तेज रहेगी

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश को संक्रांति मनाई जाती है। इस साल सूर्य का वाहन व्याग्र है। जिसके चलते इस साल गर्मी अधिक पड़ेगी। अश्व उपवाहन होने के कारण लोगों के लिए मंगलकारी रहेगी। महंगाई कम होगी और धन धान्य की वृद्धि होगी। लेकिन पीले वस्त्र पहनकर आने के कारण पीली बस्तुएं जिनमें सोना, चना की दाल, पीतल आदि महंगें होंगे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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