विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले साल जिले में धान की बंपर पैदावार हुई थी। जिसके चलते किसानों का धान की खेती की तरफ तेजी से रुझान बढ़ा था लेकिन इस साल धान की पैदावार कम हो रही है। जिससे किसान मायूस हैं। किसानों का कहना है कि पिछले साल जहां 9 से 12 बोरा प्रति बीघा के हिसाब से पैदावार हुई थी, वहीं इस साल यह घटकर 6 से 8 बोरा तक सिमट गई है। खासकर सीड्ल से जिन किसानों ने धान की बोनी की थी उनका उत्पादन कम बताया जा रहा है।

बता दें कि इस साल विदिशा जिले में 35000 हेक्टेयर में किसानों ने धान की बोवनी की थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बाहर से धान रोपने के लिए मजदूर नहीं आ पाने के कारण जिले में बड़ी संख्या में किसानों ने धान की रुपाई कराने की जगह सी्डल से बोवनी कराई थी। खेतों में बोई गई धान की पैदावार कम हो रही है। ग्राम विघन के किसान चेतन सिंह चौहान ने बताया कि पिछले साल 8 बीघा जमीन में 80 बोरा धान पैदा हुई थी।

वहीं इस साल 8 बीघा जमीन में पैदावार घट कर 60 बोरा रह गई है। उन्होंने बताया प्रति बीघा दो बोरा धान का उत्पादन कम हुआ है। जबकि इस साल पिछले साल की अपेक्षा लागत ज्यादा लग गई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों को अतिरिक्त डीजल जलाकर या बिजली कनेक्शन लेकर धान के खेतों में पानी भरना पडा़ था।

मंडी में दाम भी मिल रहे कम

सरकार द्वारा अभी समर्थन मूल्य केंद्रों पर धान की खरीदी शुरू नहीं करने के कारण किसानों को कृषि उपज मंडियों में धान बेचना पड़ रही है जहां उन्हें धान के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य केंद्रों पर जहां 18 से क्विंटल में धान खरीदी जाएगी वहीं कृषि उपज मंडियों में उन्हें 800 से 1500 रुपए क्विंटल में धान बेचना पड़ रही है। जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 16 नवंबर से की जाएगी।

Posted By: Prashant Pandey

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