कुंतलपुर नगरी के मेले में पूर्ण होती हैं सभी की मनोकामनाएं

-कोकलपुर में कार्तिक पूर्णिमा पर द्वापर युग से भरता आ रहा मेला

फोटो : 12 आरएसएन-11

बेगमगंज। ग्राम कोकलपुर में कार्तिक पूर्णिमा पर विशाल मेला लगा।

बेगमगंज। नवदुनिया न्यूज

मुख्यालय से मात्र 10 किमी दूर ग्राम कोकलपुर जो प्राचीनकाल में राजा सूर्य नरेश की नगरी कुंतलपुर के नाम से मशहूर थी, जिसे अब कोकलपुर के नाम से जाना जाता है। यहां पर प्रतिवर्ष दीपावली के पश्चात आने वाली कार्तिक माह की पूर्णिमा पर भव्य मेला का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में मंगलवार को विशाल मेला लगा, जिसमें आसपास के क्षेत्र सहित दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रृद्घालु शामिल हुए।

मेला आयोजक पं. पारासर बताते हैं कि ग्राम कोकलपुर, कुंतलपुर में लगने वाले मेला प्राचीन कथाओं और बुजुर्गो के अनुसार मेले में करीब 150 से अधिक दुकानों की मिठाई एक दिन में ही बिक जाती हैं। लोगों का मानना है कि मेले में जिंद वहां पर आते हैं और लोगों के रूप में वह मिठाई खरीदते हैं, जिससे सभी दुकानदारों की मिठाई बिक जाती है। मेले में प्राचीन कालीन मूर्तियां हैं, जो प्राचीनकाल से बरगद के पेड़ के नीचे सैकड़ों वर्षो से स्थापित हैं। जिन्हें अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा चबूतरे का निर्माण करा दिया गया है।

-मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण

ग्राम कोकलपुर में माता विषया देवी, विख्या माई के नाम से प्रसिद्घ है, जो द्वापर युग में राजा चंद्रहास की पत्नी थीं। राजा की मृत्यु के पश्चात रानी विषया देवी सती हुईं, जिसके पश्चात उनकी लोगों के द्वारा पूजा की जाने लगी। तभी से कार्तिक माह की पूर्णिमा पर मेले का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि यहां आने वाले सभी श्रृद्घालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network