विदिशा, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्राम मोहना खेजड़ा और हिरनई के बीच सेऊ नदी उफान पर होने से एक गर्भवती महिला को कंधे पर बैठाकर इस पार लाना पड़ा। जिला अस्पताल में उसका सुरक्षित प्रसव हुआ। उसने बेटे को जन्म दिया है। मामला मंगलवार का है।

ग्रामीण गजेंद्र सिंह राजपूत के मुताबिक खेजड़ा निवासी गीताबाई मालवीय को प्रसव हो रहा था। परिजन की सूचना पर जननी एक्सप्रेस आ गई, लेकिन रपटे पर तीन फीट पानी होने से दूसरी तरफ खड़ी रही। तब गांव के रवि विश्वकर्मा, रीतेश अहिरवार, रघुवीर अहिरवार, गजराज लोधी, रवि लोधी सहित 25 युवाओं की टीम बनी। एक बड़े रस्से का एक छोर नदी के इस तरफ ट्रैक्टर खड़ा कर उससे बांधा। कुछ युवक दूसरा छोर लेकर रपटा पार करते हुए दूसरी तरफ ले गए। वहां उसे पेड़ से बांध दिया। फिर छह लोगों ने गर्भवती को कंधे पर बैठाकर रस्सा पकड़ा और धीरे-धीरे रपटे के दूसरी तरफ खड़ी जननी एक्सप्रेस तक पहुंचाया।

वहां से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां करीब एक घंटे बाद उसने सीजेरियन प्रसव के जरिए बेटे को जन्म दिया। गीताबाई ने नईदुनिया से चर्चा में उन युवकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यदि वे लोग मदद नहीं करते तो समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती। ऐसे में उसकी और गर्भस्थ शिशु की जान पर खतरा था। अब वह और उसका नवजात बेटा स्वस्थ है।