विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। त्योहार आते ही एक बार फिर शहर की सड़कों पर जाम के हालात बनने लगे हैं। माधवगंज से बड़ाबाजार तक मुख्य बाजार में दो पहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि कम से कम त्योहारों के सीजन में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए, जिसमें तिलक चौक से माधवगंज तक चार पहिया वाहन पर प्रतिबंध के साथ ही शहर के तीन से चार स्थान चि-ति कर पार्किग व्यवस्था होनी चाहिए। ठेले वालों को हटाने के साथ ही वन वे व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठ रही है।

पिछले दो माह से नगरपालिका और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने बनाई गई टीम निस्क्रिय हो गई है जिसके चलते खरीफाटक से लेकर बड़ाबाजार तक जगह-जगह फिर से सब्जी और फल के ठेले खड़े होने लगे हैं। व्यापारियों ने भी फिर से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। माधवगंज क्षेत्र से तीन माह पहले ही सब्जी और फलों के ठेलों को सावरकर बाल विहार के पास वेयरहाउस के चबूतरे पर शिफ्ट किया गया था। करीब एक माह तक सभी फल और सब्जी के ठेले यहां लगे रहे, लेकिन धीरे-धीरे लोग फिर बाजार में पहुंचने लगे हैं। देखरेख के अभाव में अब 50 फीसद से अधिक ठेले सावरकर बाल विहार के चारों तरफ सड़कों पर फैल गए हैं जिससे वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राखी बाजार में मात्र 21 दुकान ही वैध

मजे की बात यह है कि नगरपालिका ने राखी बाजार के लिए बड़ा बाजार में स्थान तय कर दुकानों की नीलामी की है। यहां पर मात्र 21 लोगों ने विधिवत दुकान ली हैं, जबकि माधवगंज से बड़ाबाजार तक 50 से ज्यादा लोगों ने मनमर्जी से सड़क पर 10 से 15 फीट तक कब्जा कर दुकान सजा रखी हैं। इस मार्ग में बड़ी संख्या में हाथ ठेलों पर भी राखी, रुमाल, मनहारी, कपड़े, फल, सब्जी और चाक पकोड़े के ठेले खड़े रहते हैं। जिससे जाम के हालात बन रहे हैं। नगरपालिका के प्रभारी राजस्व अधिकारी राकेश वैद्य का कहना है कि हमने तो सिर्फ 21 दुकान नीलाम की हैं। इसके अलावा जिन लोगों ने सड़कों पर दुकान लगा रखी हैं वह अवैध हैं। इस संबंध में नपा के सब इंजीनियर अशोक राय का कहना है कि नई परिषद के गठन के बाद जो निर्देश मिलेंगे उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

इन क्षेत्रों में बने रहते हैं जाम के हालात

शहर में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर 12 माह जाम के हालात बने रहते हैं, लेकिन कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां पर त्योहार आते ही यह समस्या शुरू हो जाती है। इनमें मुख्य बाजार में तिलक चौक से निकासा रोड तक, माधवगंज से किराना संघ की प्याऊ तक, किरी मोहल्ला के मोड़ पर, तिलक चौक से नंदवाना मार्ग, करपात्री चौक से बांसकुली वाली सड़क, तिलक चौक से मोतियानी वाली गली, माधवगंज से अस्पताल रोड पर आवकारी कार्यालय से सिटी सेंटर तक, बड़ा बाजार से बजरिया चौकी आदि ऐसे स्थान हैं जहां पर त्योहार आते ही जाम की समस्या आम हो जाती है।

इनका कहना है

यातायात व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ गई है। हालात यह हैं कि मुख्य बाजार में खासकर तिलक चौक से निकासा मोड़ तक दिन में कम से कम 25 बार जाम लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए इस मार्ग को वनवे किया जाना चाहिए। त्योहारों तक चार पहिया वाहन पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

-नवल शास्त्री, महामंत्री व्यापार महासंघ

सालों से पार्किंग व्यवस्था की मांग की जा रही है,लेकिन अभी तक यह व्यवस्था नहीं हो सकी है। कम से कम त्योहार के मौके पर ही तीन से चार स्थान चिहिंत कर अस्थाई पार्किंग व्यवस्था करना चाहिए जिससे ग्राहक वहां वाहन खड़े कर खरीददारी कर सकें। इससे कुछ हद तक यातायात व्यवस्था बनी रहेगी।

-चेतन वलेचा, अध्यक्ष रेडीमेड वस्त्र विक्रेता संघ

त्योहारों के मौके पर प्रशासन स्वयं अतिक्रमण कराता है। बाजार में लोगों को दुकान नीलाम कर दी जाती हैं। कुछ लोग स्वयं ही सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान लगा लेते हैं। त्योहारों केे लिए कोई निश्चित स्थान तय होना चाहिए जहां हर त्योहार पर दुकान लगवाई जाएं।

-नीरज चौरसिया, उपाध्यक्ष व्यापार महासंघ

- मुख्य बाजार में जो राखी और अन्य सामग्री के ठेले खड़े हैं उन्हें सावरकर बाल विहार और खाई रोड में शिफ्ट कराए जाएंगे और तिलक चौक से चार पहिया वाहन और सवारी आटो के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। हमारा प्रयास रहेगा कि त्योहार में जनता और व्यापारी परेशान नहीं हों।

-आशीष राय, यातायात प्रभारी

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