विदिशा( नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की दूसरी लहर में तमाम परेशानियां होने के बावजूद मेडिकल कालेज में डाक्टरों से लेकर नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर नहीं हो पाई है। कोरोना की तीसरी लहर में मरीज बढ़ते है तो फिर पिछली बार की तरह वर्तमान डाक्टरों से लेकर मरीजों को तक परेशान होना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसे आदर्श मेडिकल कालेज और अस्पताल बनाना चाहते है लेकिन डाक्टरों की कमी उनकी मंशा को पूरा होने से रोक रही है। करोडों रुपयों की लागत से तैयार इस अस्पताल में कोरोना से निपटने के लिए आक्सीजन से लेकर आधुनिक आइसीयू और वेंटिलेटर सहित तमाम उपकरण मौजूद है लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नही है। मेडिकल कालेज के अस्पताल में अभी तो कोरोना मरीजों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी पार नही कर पाई है लेकिन जैसी आशंका आने वाले दिनों में जताई जा रही है उसके अनुसार कोरोना मरीज बढ़े तो परेशानी बढ़ना तय है।

अस्पताल में 48 डाक्टरों की कमी

मेडिकल कालेज में कुल 129 डाक्टरों के पद स्वीकृत है, इनमें से 81 डॉक्टर ही मौजुद है। सबसे अधिक पद मेडिसिन और एनिस्थेसिया से जुड़े डाक्टरों के है, जबकि कोरोना के दौर में इन्ही डाक्टरों की सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। डॉक्टर्स बताते है कि वेंटिलेटर संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षित स्टाफ होना चाहिए। अस्पताल में 61 वेंटिलेटर है लेकिन इसे मॉनिटर करने के लिए स्टाफ नही है।

नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ का भी टोटा

750 बेड के इस अस्पताल में 400 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखे गए है। बच्चों के लिए अलग से स्पेशल वार्ड बनाया गया है लेकिन यहां भी भर्ती मरीजों के लिए नर्सिंग स्टाफ की कमी आ सकती है। अस्पताल में कुल 404 पड़ स्वीकृत है लेकिन 340 नर्से ही मौजूद है। इसी तरह पैरामेडीकल स्टाफ के 139 पद मंजूर है लेकिन दस पद खाली पड़े है। इसमें लैब टेक्नीशियन से लेकर आपरेशन थियेटर से जुड़े कर्मचारी तक शामिल है।

अब तक नही हो पाई दवा की आपूर्ति

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक महीने पहले ही सभी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मेडिकल कालेज के अस्पताल में कोरोना सम्बन्धी सभी दवाओं की आपूर्ति नही हो पाई है। कुछ माह पहले डेंगू के प्रकोप के समय भी अस्पताल में दवाओं का टोटा हो गया था। अस्पताल में भर्ती मरीजों को निजी दुकानों से दवा खरीदकर अपना इलाज कराना पड़ा था। सूत्रों के अनुसार इस बार भी कालेज प्रबंधन ने 51 लाख रुपये की दवाओं के ऑर्डर जारी कर दिए है लेकिन सभी दवाओं की अब तक आपूर्ति नही हो पाई है।

वर्जन

मेडिकल कालेज में डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही रिक्त पदों पर भर्ती हो जाएगी। एनिस्थेसिया विशेषज्ञों के पदों के लिए पिछली बार भी विज्ञापन जारी किया था लेकिन किसी ने रुचि नही दिखाई। दवाओं की आपूर्ति भी जल्दी हो जाएगी।

- डा. सुनील नंदेश्वर, डीन, मेडिकल कालेज, विदिशा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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