विदिशा। राधारानी का जन्मोत्सव शुक्रवार को जिले भर में श्रद्धाभाव से मनाया गया। इस दौरान विदिशा की वृंदावन गली में स्थित 300 वर्ष से अधिक पुराने राधा मंदिर के पट खोले गए। वहां विराजित राधारानी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह मंदिर पूरे साल में सिर्फ इसी दिन खोला जाता है।

उल्लेखनीय है कि यहां राधावल्लभीय संप्रदाय का यह इकलौता मंदिर है। जिसे राधावल्लभीय हवेली भी कहा जाता है। राधाष्टमी के लिए मंदिर परिसर सहित आसपास की गलियों को सजाया गया था। दोपहर ठीक 12 बजे जन्म आरती के साथ ही मंदिर के गर्भगृह के पट खोल दिए गए।

पूरा माहौल राधारानी के जयकारों के साथ गूंज उठा। फिर देर तक दर्शन और बधाई गायन का सिलसिला चलता रहा। व्यवस्था बनाने के लिए यहां पुलिस बल भी तैनात था। देर शाम मटकी फोड़ी गई। मंदिर के सेवक पं. मनमोहन शर्मा के मुताबिक शनिवार को यहां पालना और बधाई गायन होगा।

वहीं रविवार 8 सितंबर की सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ मंदिर के पट फिर एक साल के लिए बंद हो जाएंगे। मंदिर की परंपरा के अनुरूप यहां वर्ष के बाकी दिनों में गुप्त सेवा ही होती है।

Posted By: Hemant Upadhyay