विदिशा(ब्यूरो)। एक माह पहले मालवा एक्सप्रेस में दिल्ली की रति त्रिपाठी का पर्स छीनकर उसे फेंक देने का मामला रेलवे पुलिस के गले की फांस बन गया है। इस मामले को सुलझाने के लिए रेलवे पुलिस रात-दिन एक किए हुए है लेकिन अंधेरे में तीर चलाने के अलावा अभी तक उसे कुछ भी हाथ नहीं लग पाया है। इस मामले को सुलझाने के लिए रेलवे ने छह दलों का गठन कर मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा है, लेकिन सफलता के नाम पर रेलवे पुलिस शून्य है। इसी को लेकर रेलवे एसपी गोस्वामी जांच करने विदिशा जीआरपी पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत की। इसके बाद वह बीना और झांसी में जांच करने रवाना हो गए। एसपी अवधेश गोस्वामी तीन घंटे तक अलग-अलग लोगों से बात करते रहे।

19 दिसंबर को बीना के करोंद स्टेशन के पास हुई वारदात के दो आरोपियों की तलाश में जुटी रेलवे पुलिस अभी तक किसी भी ठोस मुकाम पर नहीं पहुंच पाई है। बताया जाता है कि इस मामले को लेकर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भोपाल रेलवे एसपी भी विदिशा, बीना, झांसी और घटना स्थल करोंद पहुंचकर जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही घटना वाले दिन जो यात्री उसमें यात्रा कर रहे थे उनसे भी रेलवे पुलिस संपर्क में है लेकिन अभी तक जांच वहीं की वहीं अटकी हुई है। इस मामले को लेकर रेलवे पुलिस रात-दिन जगह-जगह दबिश देने के साथ ही आरोपियों के स्केच भी तैयार कर रही है और उनकी पहचान करवाने की कोशिश की जा रही है।

जांच के लिए विदिशा आए रेलवे एसपी

रति त्रिपाठी घटनाक्रम को लेकर भोपाल रेलवे एसपी अवधेश गोस्वामी विदिशा जीआरपी आए और कर्मचारियों से अलग-अलग बात करके इसके तह में जाने का प्रयास किया। माना जा रहा है कि दिल्ली से उज्जैन जा रही रति त्रिपाठी के साथ लूट के बाद फेंक देने के बाद आरोपी विदिशा में ही उतरे होंगे। इसको लेकर रेलवे पुलिस जांच में लगी हुई है। इसके अलावा रेलवे के दल झांसी सहित अन्य स्थानों पर संदिग्धों की तलाश कर रही है। रेलवे एसपी अवधेश गोस्वामी विदिशा जीआरपी में जांच करने के लिए करीब 3 घंटे तक रूके और इसके बाद बीना और झांसी में जांच के लिए रवाना हो गए।

यात्री ट्रेनों से बदमाश गायब

रति घटनाक्रम के बाद रेलवे पुलिस ने भोपाल-बीना-झांसी ट्रेन मार्ग पर आरोपियों को तलाशने के लिए 75 संदिग्ध लोगों को दबोचा, लेकिन किसी से भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। रेलवे एसपी अवधेश गोस्वामी का कहना है कि रेलवे पुलिस सख्ती और सतर्कता के साथ जांच में लगी हुई है। इस ट्रेन मार्ग पर चलने वाले करीब 75 संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस की सख्ती होने से ट्रेनों में वारदातों को अंजाम देने वाले जमींदोज हो गए हैं।

होश आने के बाद होगा खुलासा

रेलवे पुलिस इस मामले को सुलझाने का दम तो भर रही है लेकिन वह भी मान रही है कि भोपाल में भर्ती रति त्रिपाठी के होश में आने के बाद इसका खुलासा करने में मदद मिल सकती है। रति त्रिपाठी का स्वास्थ्य पहले से बेहतर बताया जा रहा है। सप्ताह भर के अंदर पूरा घटनाक्रम खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। रति के स्वास्थ्य को लेकर रेलवे एसपी अवधेश गोस्वामी प्रतिदिन इस पर नजर रखे हुए हैं।

तो नहीं होती घटना

रेलवे पुलिस जांच तो कई बिंदुओं पर कर रही है, लेकिन कोच का टीटीई सर्तक होता तो यह हादसा नहीं होता। 19 नवंबर को मालवा एक्सप्रेस के एस-7 कोच की वर्थ नंबर 8 पर सफर कर रहीं रति त्रिपाठी के पास वाली ही सीट पर दो लोग भी एक ही बर्थ पर सफर रहे रहे थे। टीटीई ने इनसे टिकट तो पूछा तो लेकिन उन्होंने स्टाफ बोलकर कुछ भी जबाव नहीं दिया। खास बात यह है कि इसके बाद टीटीई ने भी इनसे ने तो रेलवे परिचय पत्र मांगा और न ही कुछ बात की। इस घटना के बाद दोनों ही गायब है जिनका अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान टीटीई पर भी गाज गिर सकती है।

वर्जन...

मालवा एक्सप्रेस से युवती फेंकने के मामले की जांच की जा रही है। इसके लिए 50 से ज्यादा रेलवे पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी लगे हुए हैं। स्कैच बनाकर उनकी पहचान करवाने का प्रयास किया जा रहा है। भोपाल-बीना-झांसी के बीच चलने वाले बदमाश भी फरार हो गए हैं।

अवधेश गोस्वामी, रेलवे एसपी भोपाल

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