विदिशा में हल्की और ग्रामीण क्षेत्रों में हुई धुंआधार बारिश, नटेरन में नदी- नाले उफने

फोटो-15

नटेरन। जोरदार बारिश के कारण उफना भुजरिया नाला।

फोटो-14

विदिशा। शहर में शाम तक होती रही रिमझिम बारिश।

विदिशा। जिले में रविवार को सुबह के समय मौसम खुला रहा लेकिन दोपहर बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। जो देर रात तक जारी रहा। विदिशा में हल्की बारिश होती रही। वही तहसील मुख्यालयों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दो घण्टे तक धुंआधार बारिश हुई। जिससे नटेरन क्षेत्र के नदी नाले उफान पर आ गए।

बारिश का क्रम दो दिनों से थमा हुआ था। रविवार को भी सुबह के समय धूप खिलने लगी थी। लेकिन दोपहर दो बजे के लगभग मौसम बदलने लगा। कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। शहर में शाम तक रिमझिम बारिश ही चलती रही। लेकिन नटेरन, गुलाबगंज, ग्यारसपुर, सिरोंज, लटेरी में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई। नटेरन में करीब 2 घण्टे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद भी बारिश का दौर जारी रहा। जिसके कारण रावण और कस्बाखेड़ी के बीच स्थित नकटी नदी और पमारिया में कपूर्णा नदी उफान पर आ गई। इसके अलावा नटेरन के आसपास के भदभदा, भुजरिया और खर्रा नाला भी उफान पर रहा। जिससे कई गांवों के रास्ते बंद हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि कागपुर के पास से गुजरने वाली बाह्य नदी का पानी भी पुल से टकराकर चल रहा है। रात को भी बारिश हुई तो सोमवार सुबह नदी उफान पर आने की आशंका है। जिससे विदिशा- अशोकनगर स्टेट हाइवे पर आवागमन बन्द हो सकता है।

अमृत के समान है मघा का पानी

ज्योतिषाचार्य संजय पुरोहित का कहना है कि शनिवार रात से मघा नक्षत्र लग गया है। इस नक्षत्र में होने वाली वर्षा को अमृत के समान माना गया है। बारिश के नक्षत्रों में मघा को राजा मानते है। इस अवधि में हुई बारिश से ही धरती की प्यास बुझती है। यह पानी गंगाजल के समान पवित्र होता है। इसे औषधिकारक माना जाता है। इस नक्षत्र में हुई बारिश फसलों के लिए काफी फायदेमंद होती है। इससे फसलों पर लगने वाले कीट प्रकोप से भी मुक्ति मिलती है।