शिवराज पर एफआईआर कराने 3 घंटे चला ड्रामा फिर भी नहीं हुई एफआईआर

- बिजली चोरी, बिलों की होली जलाने और जनता को भड़काने के मामले में एफआई कराने पहुंचे थे विधायक

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विदिशा। वरिष्ठ अफसरो से मोबाइल पर चर्चा करते विधायक

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विदिशा। कोतवाली के सामने चक्काजाम करते कांग्रेसी

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विदिशा। बंद कमरे में विधायक से चर्चा करते कलेक्टर और एसपी

विदिशा। पूर्व मुख्यमंखी शिवराजसिंह चौहान पर एफआरआर दर्ज कराने के लिए विधायक शशांक भार्गव सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने शुक्रवार को करीब 3 घंटे तक माधवगंज चौराहे से लेकर थाने तक ड्रामा किया। थाने में जमकर नारेबाजी की गई। थाने के सामने करीब आधे घंटे तक चक्काजाम किया गया। इसके बाद भी वह शिवराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करा सके। एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े विधायक की कलेक्टर कौशलेन्द्रसिंह और एसपी विनायक वर्मा के साथ हुई बंद कमरे में बैठक के बाद कलेक्टर ने 3 मामलों में से एक मामले में एफआईआर कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक कांग्रेसियों के साथ चलते बने।

मालुम हो कि 11 सितंबर को हुए घंटानाद आंदोलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बढ़े हुए बिजली बिल आने पर बिल की राशि जमा नहीं करने की बात कहते हुए कहा था कि यदि बिजली के बढ़े हुए बिल आते हैं तो उपभोक्ता बिल की राशि जमा नहीं करे। यदि कंपनी बिजली काटेगी तो जोड़ने में आऊंगा। इसके बाद उन्होंने बिलो की होली जलाई थी। इसके अलावा माधवगंज चौराहे पर हुई सभा के दौरान वहां पर चोरी की बिजली लेने का आरोप लगाया गया है। इन्हीं दिन मुद्दों को लेकर विधायक शशांक भार्गव सुबह साढ़े 11 बजे माधवगंज चौराहे से करीब 100 कांग्रेसियों के साथ नारेबाजी करते हुए कोतवाली थाना पहुंचे। यहां पर उन्होंने सीएसपी बीबी शर्मा को थाना प्रभारी के नाम आवेदन दिया जिसमें पूर्व सीएम के अलावा विधायक राजश्रीसिंह, लीना जैन, हरि सप्रे, नपाध्यक्ष मुकेश टंडन और भाजपा जिलाघ्यक्ष डॉ. राकेशसिंह जादौन पर मामला दर्ज करने की मांग करते हुए प्रति उपलब्ध कराने की बात कही। सीएसपी ने आवेदन जांच के बाद एफआईआर करने की बात कही। लेकिन विधायक तुरंत एफआईआर पर अड़े रहे। इस मौके पर रणधीरसिंह दांगी, मनोज कपूर, रघुवीरसिंह रघुवंशी, आनंदप्रतापसिंह, नरेन्द्र पीतलिया, देवेन्द्र राठौर, रवि साहू, अनुज लोधी, मोहरसिंह रघुवंशी, माधोसिंह अरिहवार, डालचंद अहिरवार, सुरेन्द्र भदौरिया, रमेश तिवारी, निशीत मिश्रा, अरूण अवस्थी, अवधेश दुबे,आशासिंह राजपूत आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

अखबारों में छपा है,जांच की जरूरत नहीं

इस दौरान सीएसपी और विधायक के बीच कहा सुनी हुई। विधायक शशांक भार्गव का कहना था कि सार्वजनिक स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों को भड़काया है। आप स्वयं वहां मौजूद थे। अखबार दिखाते हुए कहा कि इन तमाम अखबारों में खबर छपी हैं। इसके बाद आप जांच करने की बात कर रहे हो। उन्होंने कहा कि प्रथम द्ष्टया आप एफआईआर दर्ज करें। यदि हमारी बात झूठी निकले तो उसमें खात्मा लगा देना। लेकिन एफआईआर तो दर्ज करना पड़ेगी। इस मौके पर एसडीएम प्रवीण प्रजापति और सीएसपी उनसे मामले की जांच करने समय मांगते रहे लेकिन विधायक अपनी जिद पर अड़े थे कि बगैर एफआईआर के यहां से नहीं जाएंगे। चाहे हमें दिन भर यहां बैठना पड़ा।

इसी लिए बढ़ते हैं अपराध

एफआईआर नहीं करने से विधायक नाराज हो गए और पुलिस को लताड़ लगाते हुए कहा कि आज मालुम हुआ कि अपराध क्यों बढ़ते है। इसका कारण यही है कि आप लोग समय पर एफआईआर दर्ज नहीं करते। हर मामले में समय मांगते हो। इसलिए अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आप लोग अपने वरिष्ठ अफसरों से चर्चा करों। इस दौरान सीएसपी ने वरिष्ठ अफसरों से चर्चा कर एसपी से भी विधायक की बात कराई। लेकिन विधायक मामला दर्ज करने की बात पर अड़े रहे। करीब एक घंटे तक सीएसपी समझाते रहे। बात नहीं बनी तब एएसपी केएल बंजारा थाना पहुंचे और उन्होंने भी विधायक से मामले की जांच करने समय मांगा लेकिन विधायक नहीं माने।

इधर कांग्रेसियों ने कर दिया चक्काजाम

एक घंटे के बाद भी जब मामला दर्ज नहीं हुआ तो कांग्रेसियो ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने के बाहर मुख्य मार्ग पर जाकर चक्काजाम कर दिया। जिसके चलते सड़क पर दोनों तरफ से वाहनों की कतार लग गई। जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। करीब आधे घंटे तक चक्काजाम करने के बाद पुलिस के आग्रह पर चक्काजाम खत्म कर दिया लेकिन थाने के अंदर लोग नारेबाजी करते रहे।

कलेक्टर एसपी पहुंचे कोतवाली बंद कमरे में चर्चा

इसके बाद दोपहर में करीब डेढ़ बजे कलेक्टर कौशलेन्द्रसिंह और एसपी विनायक वर्मा थाना पहुंचे। यहां पर उन्होंने विधायक से मामले की जांच करने तक का समय मांगा लेकिन विधायक अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि हमारी सरकार में ही हमारी ऐसी दुर्दशा क्यों कराई जा रही है। जब हम पूरे प्रमाण सौंप रहे हैं तो मामला दर्ज करने में क्या दिक्कत है। बाद में सभी कांग्रेसियों को कक्ष से बाहर करने के बाद कलेक्टर, एसपी और विधायक के बीच करीब 20 मिनट मंत्रणा चली। इसके बाद विधायक संतुष्ट होकर वाहन निकल आए।

सजा दिला पाएं इस बात का अध्यन करके करेंगें एफआईआर

बंद कमरे में हुई चर्चा के बाद बाहर निकलकर कलेक्टर कौशलेन्द्रसिंह ने बाहर खड़े कांग्रेसियों ओर पत्रकारो को जानकारी देते हुए बताया कि तीन मामलों में से एक बिजली चोरी के मामले में हम एफआईआर दर्ज करेंगें। इसके लिए विधायक द्वारा दिए गए दस्तावेज बिजली कंपनी भेज रहे हैं। कंपनी के अफसर की तरफ से मामला दर्ज कराया जाएगा। इसके अलावा अन्य दो मामलों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद मामला दर्ज कराया जाएगा। इस संबंध में विधायक शशांक भार्गव का कहना था कि मामले की जांच इसलिए कराई जा रही है कि ताकि अपराधी को सजा दिलाई जा सके। इसके लिए हमने 2 घंटे का समय दिया है। यदि मामला दर्ज नहीं हुआ तो फिर आकर थाने में बैठ जाएंगें।