'हमारे कार्यकर्ताओं की दिवाली नहीं मनी तो जिले में किसी की भी दिवाली नहीं मनेगी'

- गौरक्षा मंच के धरना आंदोलन में भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जादौन का विवादास्पद बयान

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विदिशा। माधवगंज चौराहे पर धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष।

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विदिशा। पुलिस के खिलाफ भाजपा नेताओं और गौ रक्षकों ने शहर में निकाली रैली।

विदिशा। नवदुनिया प्रतिनिधि

भाजपा के जिलाध्यक्ष राकेश जादौन ने जिले के पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमारे कार्यकर्ताओं की दिवाली नहीं मनी तो जिले में भी किसी की दिवाली नहीं मनेगी। उन्होंने पुलिस पर कांग्रेस का एजेंट होने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं और गौ रक्षकों पर दर्ज किए गए मामले वापस लेने की मांग की। वे सोमवार को गौ रक्षा मंच के बैनरतले आयोजित धरने में बोल रहे थे। धरने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और गौ रक्षकों ने एसपी के नाम ज्ञापन एसडीएम प्रवीण प्रजापति को सौंपा। जिसमें उन्होंने 3 दिन के भीतर प्रकरण वापस लेने और दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है। इस विरोध प्रदर्शन में सांसद रमाकांत भार्गव और शमशाबाद विधायक राजश्री सिंह मौजूद नहीं रहीं। वहीं सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा, बासौदा विधायक लीना जैन और कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे मौजूद रहे।

तीन दिन पहले शहर के बगल से गुजरने वाले बायपास पर एक ट्रक की टक्कर से 8 मवेशियों की मौत हो गई थी। जिसके बाद नाराज भीड़ ने ट्रक में आग लगाकर पुलिस पर पथराव भी किया था। इसी मामले में सिविल लाइन पुलिस ने पार्षदपति शक्तिसिंह जादौन और भाजयुमो नेता सुरेन्द्र सिंह चौहान सहित 9 लोगों पर बलवा और आगजनी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण कायम किया था। इसी के विरोध में गौ रक्षामंच के बैनरतले हिन्दुवादी संगठनों और भाजपा ने सोमवार को धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। माधवगंज चौराहे पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष जादौन ने कहा कि सुरेन्द्र सिंह चौहान सीएसपी बीबी शर्मा के बुलाने पर घटना स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने आक्रोशित भीड़ को शांत करने का काम किया लेकिन पुलिस ने उन्हीं को आरोपी बना दिया। जादौन ने कहा कि जिले में पुलिस अपना काम नहीं कर रही है। बल्कि कांग्रेस के एजेंटों के रूप में काम कर रही है। कांग्रेस भी पुलिस के साथ मिलकर भाजपा नेताओं पर प्रकरण दर्ज करा रही है। इसके बाद प्रकरण वापसी के नाम पर उन्हें कांग्रेस ज्वाइन कराई जा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए और उनकी दिवाली नहीं मनी तो जिले में किसी की भी दिवाली नहीं मनेगी। भाजपा जिला बंद करेगी।

विधायक बोले, सीएसपी, टीआई के हाथ का पानी पीने का नहीं बचा धर्म

धरने को संबोधित करते हुए सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने सीएसपी और टीआई पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही अधिकारी अपना सरनेम शर्मा लिखते हैं। लेकिन गौ हत्यारों को संरक्षण देते हुए गौ रक्षकों पर झूठी कार्यवाही कर रहे हैं। अब तो उनके हाथ का पानी पीने का धर्म भी नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को उनके परिजनों के साथ भी कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के इशारे पर हिन्दुओं पर उकसाने की कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान मौजूद बासौदा विधायक लीना जैन ने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्रकरण वापस नहीं लिए गए तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। वहीं कुरवाई विधायक सप्रे ने कहा कि प्रदेश में भले ही कांग्रेस की सरकार हो लेकिन जिले में तो भाजपा की ही सरकार रहेगी। पुलिस को मनमानी नहीं करने दी जाएगी।

पुलिस के खिलाफ रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

करीब दो घंटे तक माधवगंज चौराहे पर धरना देने के बाद भाजपा और हिन्दुवादी संगठनों के नेता रैली के रूप में मुख्य बाजार से होते हुए नीमताल चौराहे पर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लिए चल रहे थे। शाम करीब 4.30 बजे यह रैली नीमताल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के सामने पहुंची। यहां पर एसपी के नाम ज्ञापन एसडीएम प्रजापति को सौंपा। जिसमें कहा गया है कि तीन दिनों के भीतर 9 लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएं नहीं तो चरणबद्घ आंदोलन चलाया जाएगा। ज्ञापन में मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग की गई है। आंदोलन के दौरान शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

आंदोलन में यह रहे मौजूद

गौरक्षा मंच के बैनरतले आयोजित आंदोलन में जिले के तीनों विधायकों के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष तोरणसिंह दांगी, नपाध्यक्ष मुकेश टंडन, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, सुखप्रीत कौर, मनोज कटारे, राकेश शर्मा, श्रीकृष्ण तिवारी, धर्मेन्द्र मिश्रा, अतुल तिवारी, मलखानसिंह राजपूत, राजेश जैन, प्रशांत खत्री, देवेन्द्र यादव, बलवीर रघुवंशी आदि मौजूद थे।

गिरफ्तार आरोपित को भेजा जेल

सिविल लाइन पुलिस ने सोमवार को बलवा और आगजनी के मामले में गिरफ्तार आरोपित धर्मेन्द्र किरार को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। यहां न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस मामले में 8 अन्य आरोपित अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। एसपी विनायक वर्मा ने इन आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए 3 टीमें गठित की हैं।

ज्ञापन से प्रभावित नहीं होगी गिरफ्तारी

एसपी विनायक वर्मा ने सोमवार को साफ कर दिया कि इस मामले में किसी को नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने नवदुनिया से बातचीत में कहा कि गौ रक्षा मंच की ओर से सौंपे गए ज्ञापन पर जांच तो होगी। लेकिन इससे गिरफ्तारी की कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आरोपितों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग से वे सहमत नहीं हैं। धरने में भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में यदि शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network