सड़कों पर आए दिन लग रहा है जाम

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शमशाबाद। मंडी में बहुत ज्यादा आवक होने के कारण बस स्टैंड क्षेत्र में जाम की स्थिति बन रही है। सड़कों पर वाहन तहर जाम होते हैं कि 2 से 3 घंटा तक रास्ता नहीं खुलता। इस स्थिति में एंबुलेंस भी घंटों तक फंसी रह जाती है। स्कूल के वाहन भी काफी घंटों तक फसे होते हैं नाही कोई प्रशासन लगा होता है और ना ही कोई अधिकारी ध्यान दे रहा है। आए दिन बाहर से आए हुए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विदिशा भोपाल जाने का मात्र एक ही मार्ग है जिसमें कोई मरीज बीमार होता है तो उसको दो-दो तीन-तीन घंटे जाम में फंसे रहना पड़ता है। त्योहार को लेकर पुलिस ने भी जाम से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं की है।

रोजगार सहायकों के हड़ताल से मनरेगा का काम प्रभावित, सचिवों को सौंपी जिम्मेदारी

सब हेडिंग- जिलेभर की पंचायतों के रोजगार सहायक 23 तक रहेंगे हड़ताल पर

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सिरोंज। टेंट लगाकर हड़ताल पर बैठे रोजगार सहायक। फाइल फोटो

सिरोंज। नवदुनिया न्यूज

महात्मा गांधी के नाम से देश में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने के लिए चल रही योजना मनरेगा में पांच दिन से एक भी मजदूर को काम नहीं मिला है। इसकी वजह इस योजना में रोजगार देने वाले कर्मचारी अपने नियमितिकरण की मांग को लेकर 22 अक्टूबर तक हड़ताल पर चले गए है। इनके काम नहीं करने से पंचायतों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।

जनपद पंचायत सीईओ शोभित त्रिपाठी ने बताया कि रोजगार सहायकों के हड़ताल पर जाने से काफी कामकाज प्रभावित हो रहा है। मनरेगा सहित ऑनलाइन कार्य, समग्र आईडी, का पंजीयन, शासन का सीपीडीएस अभियान ठप हो गया है। इस योजना में वर्ष 2020-21 के लिए ग्रामीण क्षेत्र की विकास योजना का प्लान बनना है। वो कार्य रूक गया है। इसके अलावा अन्य कार्य भी पिछड़ रहे हैं। सीईओ ने बताया कि इनमें से कुछ काम तो सचिवों को सौंप दिए हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मनरेगा का काम रुका हुआ है। मनरेगा का मस्टर तैयार करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मप्र रोजगार सहायक सचिव संगठन की अपील पर 93 ग्राम पंचायतों में काम करने वाले सहायक हड़ताल पर है। ये हड़ताल 22 अक्टूबर तक चलेगी व मांग पूरी नहीं होने पर 23 अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन करेंगे। इनका कहना है कि वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक नियमितकरण नहीं किया गया है। इस हड़ताल से मनरेगा सहित अन्य कार्य ठप पड़े हुए हैं। जनपद पंचायत कार्यालय में टेंट लगाकर यह हड़ताल चल रही है। रोजगार सहायकों का कहना है कि उन्हें नियमित करने का आश्वासन तो मिला है, लेकिन किसी सरकार ने अब तक ये कार्य नहीं किया। इस दौरान बब्लेश यादव, संदीप शर्मा, सईद, धनराज, मुकेश सहित बड़ी संख्या में रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों ने भी दिया हड़ताल को समर्थन

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कुरवाई। हड़ताल पर बैठे रोजगार सहायक।

कुरवाई। ग्राम पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायक अपनी ग्राम पंचायतों का कामकाज छोड़कर लगातार पांचवे दिवस तहसील परिसर में धरने पर बैठे रहे। इस मौके पर जनपद पंचायत के अध्यक्ष प्रेम नारायण तिवारी एवं जनपद सदस्यों के अलावा किसान मजदूर महासंघ के जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह दांगी सहित संगठन के लोगों ने उन्हें समर्थन दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि रोजगार सहायक लंबे समय से संविदा आधार पर अपनी सेवाएं देते चले आ रहे हैं। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पूर्व किए अपने वादे के अनुसार रोजगार सहायकों को नियमित करने की घोषणा की है उनके इस वचन पत्र का पालन करवाने की मांग जायज है। रोजगार सहायक संघ के स्थानीय अध्यक्ष जगदीश सिंह दांगी ने बताया कि रोजगार सहायकों के सिर पर हमेशा नौकरी जाने की तलवार लटकी रहती है। अधिकारियों के दबाव में उन्हें काम करना पड़ता है। रोजगार सहायकों को तत्काल नियमित किया जाना मानवीयहित में है। ताकि उनका शोषण रोका जा सके।

ये काम हो रहे प्रभावित

रोजगार सहायकों की हड़ताल के कारण अनेक ग्राम पंचायतों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। पंचायतों में अधिकतर कार्य संभाल रहे रोजगार सहायकों की हड़ताल ने ग्रामीणों के प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, पेंशन समग्र आईडी, संबल योजना, खाद्य सुरक्षा प्रणाली के तहत आने वाली अनेक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है ग्राम पंचायतों में पदस्थ पंचायत सचिव भी रोजगार सहायकों के भरोसे होने से कोई कामकाज नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस मौके पर शासन से तत्काल रोजगार सहायकों की मांगों को मंजूर करने का आह्वान किया है। धरना स्थल पर समस्त ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायक दिन भर धरने पर बैठे नारे लगाते रहे।

एसबीआई व्यापारियों को नहीं दे रही कैश

सिरोंज। कृषि उपज मंडी में सोमवार से किसानों को अपनी उपज का नगद भुगतान मिलना था, लेकिन भारतीय स्टेट बैंक शाखा द्वारा व्यापारियों को कैश नहीं दिया जा रहा है। जिससे व्यापारियों को बड़ी असुविधा हो रही है। व्यापार संघ के अध्यक्ष समीर भार्गव ने बताया कि अन्य बैंकों में नगद भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। लेकिन स्टेट बैंक द्वारा व्यापारियों को नगद भुगतान नहीं कर रही है। जिससे व्यापारी किसानों को दो लाख रुपए तक का नगद भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकांश व्यापारियों के खाते भी इसी शाखा में है। वहीं इस संबंध में एसबीआई शाखा प्रबंधक जुगल किशोर मैथिल ने बताया कि हमने संबंधित व्यापारियों के दस्तावेज रीजनल कार्यालय भेजे गए हैं। वहीं से इनके खाते अपडेट होंगे इसके बाद ही इनको नगद भुगतान मिल पाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network