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विदिशा। शोभायात्रा में महिलाएं ढोल मंजीरों के साथ कीर्तन करती हुईं।

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विदिशा। शोभायात्रा में सबसे आगे चलते हुए पंज प्यारे।

विदिशा। नवदुनिया प्रतिनिधि

गुरुनानक देव जी के 550वे प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख समाज ने शनिवार को विशाला शोभायात्रा निकाली। स्वर्णकार कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा से दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई नगर संकीर्तन शोभायात्रा में सिख समाज के कई महिलाएं व पुरुष शामिल रहे। इसमें पंजाबी संस्कृति के कई रंग नजर आए। महिलाएं जहां संकीर्तन करते हुए चल रही थीं तो वहीं पुरुष लोगों को पूरे रास्ते प्रसादी वितरण करते हुए चल रहे थे।

गुरुद्वारे से शुरू हुई इस शोभायात्रा में ढोल के साथ सबसे आगे पंज प्यारे चल रहे थे। पंज प्यारों को माला पहनाकर लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। इसके साथ ही गुरुग्रंथ साहेब की भी जगह-जगह आरती उतारी गई। शोभायात्रा गुरुद्वारे से प्रारंभ होकर बालविहार, माधवगंज, तिलक चौक, बड़ा बाजार आदि प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस शाम करीब साढ़े 5 बजे गुरुद्वारे पहुंची। इस संकीर्तन यात्रा का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। संकीर्तन यात्रा में पंज प्यारों के लिए रास्ता साफ करते हुए महिलाएं चल रही थीं रास्ते को पानी से साफ किया जा रहा था। आपको बतादें कि अयोध्या फैसले के कारण पंजाबी समाज का ये चल समारोह नहीं निकल सका था। 12 नवंबर को श्री गुरुनानक जयंती के बाद शनिवार को ये शोभायात्रा शहर में निकाली गई।

स्वर्ण मंदिर के किए दर्शन

शोभायात्रा में अमृतसर का स्वर्ण मंदिर का प्रतिरूप आकर्षण का केंद्र रहा। एक बड़े से ट्रॉले में करीब 8 फीट ऊंचा थर्माकॉल से बना स्वर्ण मंदिर रखा गया था। यह विदिशा में पहली बार हुआ है कि लोगों के दर्शन के लिए शोभायात्रा में स्वर्ण मंदिर का प्रतिरूप बनाया गया हो। शोभायात्रा में गुरुनानक देवजी सहित अन्य तस्वीरें भी रखी हुई थीं। एक बड़े रथ पर गुरुद्वारा सेवादार मंजीतसिंह ज्ञानी जी गुरुग्रंथ साहेब की सेवा करते हुए चल रहे थे।

Posted By: Nai Dunia News Network