चावल कंपनियों ने विदिशा आकर धान खरीदने से किया इंकार, नतीजा किसानों को नहीं मिल रहे अच्छे दाम

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विदिशा। मिर्जापुर स्थित नई मंडी में धान की नीलामी करते व्यापारी।

विदिशा। नवदुनिया प्रतिनिधि

जिले में इन दिनों धान की बंफर आवक होने से मंडी सचिव ने बड़ी चावल कंपनियों से विदिशा आकर धान खरीदने का आग्रह किया था, लेकिन कंपनियों ने फिलहाल यहां आकर धान खरीदने से इंकार कर दिया है। इसके चलते न तो समय पर किसानों की नीलामी हो पा रही है और न ही उन्हें अच्छे दाम मिल पा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में मंडी सचिव कमल बगवैया का कहना है कि वह कंपनियों के लगातार संपर्क बने हुए हैं। उनका प्रयास है कि कुछ कंपनियां यहां आकर खरीदी करें।

मालूम हो कि पिछले कुछ सालों से लगातार सोयाबीन की पिटती फसल के बाद किसानों ने सोयाबीन के विकल्प के रूप में धान की खेती करना शुरू कर दिया है। इस साल जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर में धान की बोवनी की गई थी। हालांकि बारिश से इस साल धान को भी काफी नुकसान हुआ है। किसानों की माने तो पैदावार भी कम हो रही है। सबसे बड़ी समस्या उनके सामने पैदावार को बेचने को लेकर हो रही है। हालात यह हैं कि इन दिनों प्रतिदिन 20 से 25 हजार बोरा तक धान की आवक हो रही है। लेकिन धान खरीदने के लिए मंडी में व्यापारियों का टोटा बना हुआ है। इसके चलते न तो किसानों को उचित दाम मिल रहे हैं और न ही समय पर नीलामी हो पा रही है। इससे वह परेशान हैं।

दोपहर तक हो रही नीलामी

पिछले साल तक मिर्जापुर स्थित नई मंडी में दोनों समय धान की नीलामी होती थी। लेकिन इस साल व्यापारियों की कमीं के चलते एक ही समय नीलामी हो रही है। इससे प्रतिदिन 300 से 400 किसानों को अपनी पैदावार की नीलामी कराने के लिए अगले दिन तक मंडी में रुककर इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह तक मात्र दो घंटे तक ही व्यापारी नीलामी में भाग ले रहे थे। लेकिन आवक ज्यादा होने के बाद मंडी सचिव कमल बगवैया ने व्यापारियों के साथ बैठक कर नीलामी का समय बढ़ाकर 3 घंटे कर दिया। लेकिन व्यापारी समय से पहले ही नीलामी छोड़कर चले जाते हैं। इस संबंध में किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर भी अच्छे रेट नहीं मिल रहे। इससे मजबूरी में किसान मंडी में धान बेचने मजबूर है।

धान के दाम गिरे,किसानों ने जताई नाराजगी

बाहरी कंपनियों की डिमांड नहीं होने के कारण धान के दाम बढ़ने की जगह कम होने लगे हैं। बुधवार को मिर्जापुर स्थित नई मंडी में ज्यादातर धान की नीलामी 1600 से 1900 रुपए क्विंटल तक हुई। बुधवार को 1200 से लेकर 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक धान नीलाम हुई। 2 हजार से अधिक में गिनी-चुनी ही धान नीलाम हुई है। किसान देवेन्द्र दांगी का कहना है कि मंडी समिति को धान खरीदने के लिए व्यापारियों को प्रोत्साहित करना चाहिए इससे किसानों को उचित दाम मिल सकें। इधर मंडी सचिव का कहना है कि बाहरी कंपनियों के आ जाने के बाद भी दाम में कोई ज्यादा अंतर आने की संभावना नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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