10वीं-12वीं में 87 स्कूलों का रिजल्ट रहा फिसड्डी,अतिरिक्त कक्षाएं शुरू

फिसड्डी स्कूलों के प्राचार्यो से लिखित में लिया हम 100 फीसदी देंगे रिजल्ट

फोटो नंबर-10

विदिशा। स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे।

विदिशा। नवदुनिया प्रतिनिधि

10वीं, 12वीं की त्रिमासिक परीक्षा ने शिक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है। तमाम प्रयास और दावों के बीच हालात यह हैं कि जिले के करीब 50 फीसदी सरकारी स्कूलों के बच्चे परीक्षा में फिसड्डी रहे हैं। इसके बाद विभाग हरकत में आया और अब स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही है। इतना ही नहीं स्कूल प्राचार्यो से 100 फीसदी रिजल्ट देने का लिखित में आश्वासन भी लिया जा रहा है।

मालूम हो कि जिले में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर यह सभी प्रयास सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। गत माह हुईं 10वीं-12वीं की परीक्षाओं में जिले के 209 स्कूलों में से 87 स्कूलों का रिजल्ट 50 प्रतिशत से कम आया है। इसके बाद रिजल्ट सुधारने की कवायत शुरू हो गई है। नटेरन के बीएमओ एमएल मालवीय ने बताया कि उनके क्षेत्र में 9 स्कूलों का रिजल्ट 50 फीसदी से कम आया है। इसके बाद वहां पर अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इस दौरान बच्चों को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान को प्रमुखता से पढ़ाया जा रहा है। यह कक्षाएं स्कूल शुरू होने से 2 घंटे पहले लगाई जाती हैं। बच्चों का होमवर्क भी जांचा जा रहा है। इतना ही नहीं सभी ब्लाकों के बीईओ को माह में करीब 10 स्कूलों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है।

अर्धवार्षिक परीक्षा में दिखना चाहिए असर

इस संबंध में सभी फिसड्डी स्कूलों के प्राचार्यो को विभागीय स्तर पर सख्त निर्देश दिए हैं कि इस माह के अंत में होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षा में रिजल्ट में सुधार भी दिखना चाहिए। यदि सुधार नहीं हुआ तो इसके लिए संबंधित प्राचार्य जिम्मेदार होंगें। सहायक परियोजना समन्वयक केसिंह ने बताया कि कमजोर स्कूल के बच्चों को पढ़ाने के लिए ज्ञानपुंज की टीम भी भेजी जा रही है जो बच्चों को जरूरत के मुताबिक पढाई करा रही है। उन्होंने बताया कि जिन 87 स्कूलों का रिजल्ट कमजोर रहा है। उन्हें सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network