विदिशा। पिछले एक माह से गायब ग्राम सौराई निवासी 40 वर्षीय राकेश श्रीवास्तव का रविवार की देर रात कोतवाली पुलिस ने गांव के पास श्मशान घाट की झाड़ियों से शव बरामद किया है। सोमवार की सुबह शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक 26 सितंबर की दोपहर से गायब था, जिसकी 29 सितंबर को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मृतक के बड़े भाई विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि राकेश मानसिक रुप से अस्वस्थ रहता था। पिछले माह 26 सितंबर की दोपहर में अचानक घर से कहीं चला गया। उसे सभी जगह ढूंढा। जब नहीं मिला तो थाने में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि रविवार की दोपहर में बकरी चराने वाले व्यक्ति को शव पड़ा दिखाई दिया तो उसने गांव के सरपंच को सूचना दी। सरपंच के मामले की जानकारी थी। तो उन्होंने मुझे बताया। इसके बाद मैं मौके पर पहुंचा पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि उसकी काफी पहले मौत हो चुकी थी। उसका हमें सिर्फ कंकाल ही मिला है। उसकी पहचान हमने कपड़ों से की है।

दूसरे दिन भी चलता रहा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला

फोटो नंबर-7 विदिशा। जानकी कुंड में क्रेन की मदद से हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन।

विदिशा। रविवार की दोपहर से शुरू हुआ दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। श्रद्धालु नाचते-गाते, बैंड-बाजों के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन करने पहुंचे। इस मौके पर जानकी कुंड के अलावा बेतवा के बड़वाले घाट और छोटे पुल से भी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

बता दें कि इस साल अष्टमी से लेकर दसमी तक तिथियों में एक रूपता नहीं होने के कारण दो दिन तक विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। श्रीरामलीला मेला समिति और सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति ने रविवार को दशहरा मनाया। इस दिन करीब दर्जन भर श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं का विसर्जन किया। लेकिन सोमवार को सर्वाधिक प्रतिमाओं का विसर्जन करने श्रद्धालु बेतवा पहुंचे। दोपहर से शुरू हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक चलता रहा। अधिक भीड़ होने के कारण श्रद्धालुओं को अपनी प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कई झांकी संचालकों ने जनरेटर की व्यवस्था की थी जिससे झांकी में अंधेरा नहीं हो।

खाली पड़ी रहीं सड़के

हर साल दशहरे के मौके पर निकलने वाले दुर्गा प्रतिमाओं के चल समारोह को देखने के लिए माधवगंज चौराहे से लेकर बड़ा बाजार तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु सड़क किनारे बैठकर झांकियां देखते थे। लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए चल समारोह की अनुमति नहीं दी थी। जिसके चलते चल समारोह मार्ग पर सन्नााटा पसरा रहा। मार्ग की दुकान और प्रतिष्ठानों पर भी कम ही श्रद्धालु दिखाई दिए। इस मौके पर सुरक्षा की द्ष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। विसर्जन स्थल जानकी कुंड के पास लगाए गए टेंट में स्वयं एसडीएम गोपाल वर्मा मौजूद रहे।

बेतवा में कूदे किशोर को बचाया

विदिशा। आत्महत्या करने की मंशा से बेतवा के पुल से कूदे एक किशोर को होमगार्ड के जवान ने बचा लिया। होमगार्ड के कंपनी कमांडर एसडी पिल्लई ने बताया कि दोपहर में साढ़े 3 बजे सुभाषनगर निवासी एक किशोर रंगई बायपास पर बेतवा नदी में कूद गया था। मौके पर मौजूद होमगार्ड सैनिक ने स्थानीय नाविक की मदद से उसे नदी से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि किशोर पारिवारिक कारण से आत्महत्या करने पहुंचा था।

कायस्थ महासभा के 12 जिलों के अध्यक्षों की घोषणा

विदिशा। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र वर्मा ने राष्ट्रीय कार्य समिति के अनुमोदन के साथ प्रदेश के 12 जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में अभी अध्यक्षों की घोषणा नहीं हो सकी वहां भी जल्दी ही घोषणा कर दी जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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