अजय जैन, विदिशा। शहर में कोरोना मरीजों की संख्या देखते हुए कलेक्टर डॉ. पंकज जैन ने अब नई व्यवस्था शुरू की है। जिसके तहत संदिग्ध मरीजों का आरटीपीसीआर टेस्ट करने के बाद उन्हें 24 घंटे के लिए आइसोलेट किया जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में एक अलग से आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।

जिले में अब तक फीवर क्लीनिकों पर कोरोना की जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट के अलावा आरटीपीसीआर टेस्ट भी किए जाते थे। इस टेस्ट को सबसे विश्वसनीय माना जाता है। पिछले कुछ दिनों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि संदिग्ध मरीज द्वारा आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के बाद फीवर क्लीनिक में गलत नाम और मोबाइल नंबर के अलावा एड्रेस भी गलत लिखा दिया जाता था। जिसकी वजह से रिपोर्ट आने के बाद मरीज को ढूंढने में परेशानी आती थी। इस वजह से कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा था। सीएमएचओ डॉ. केएस अहिरवार ने बताया कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने में 24 घंटे का समय लगता है। इस दौरान पूर्व में लोग टेस्ट कराने के बाद सामान्य व्यक्ति की तरह घूमते रहते थे। पॉजिटिव रिपोर्ट आने तक वे कई लोगों को संक्रमित कर चुके होते थे। इसी को देखते हुए अब नई व्यवस्था शुरू की है। जिसके तहत आरटीपीसीआर टेस्ट कराने वाले व्यक्ति को 24 घंटे के लिए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर भेज दिया जाता है और निगेटिव आने पर उनकी छुट्टी कर दी जाती है। डॉ. अहिरवार के मुताबिक आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट स्थानीय मेडिकल कॉलेज से ही प्राप्त हो जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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