विदिशा(नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के रंगई रेलवे ट्रैक के पास शुक्रवार को दो युवकों के शव संदिग्ध हालत में मिले। दोनों युवक आपस में दोस्त थे और गुरुवार शाम को घर से निकले थे। रात भर घर नहीं लौटे और सुबह दोनों के शव रेलवे पटरियों के पास मिले। जानकारी के अनुसार पूरनपुरा निवासी 12वी के छात्र अमन पिता विक्रम सिंह जादोन और 11वी पढ़ने वाले अरुण पिता गजानंद रैकवार गुरुवार को घर से निकले थे। रात को जब एक घर नहीं लौटे तो दोनों के परिजनों ने उनकी तलाश की लेकिन दोनों का कहीं पता नहीं चला। अमन और अरुण दोनों अलग अलग स्कूल में पढ़ते थे, एक ही क्षेत्र में रहने के कारण वह बचपन से ही मित्र थे और साथ रहते थे। सुबह कोतवाली पुलिस को दोनों के शव रंगई के पास रेलवे ट्रैक से कुछ दूर मिले। दोनों के सिर पर चोट के निशान थे। अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि अमन का पेंट करीब डेढ़ सौ मीटर दूर मिला। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों ट्रेन से टकराने के बाद पटरी से दूर फिका गए। कोतवाली पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम कराया। सूचना के बाद एसपी विनायक वर्मा घटना स्थल पर पहुंचे, यहां जायजा लेने के बाद वे अस्पताल भी पहुंचे। एसपी ने मामले की जांच कराने की बात कही है। इधर कोतवाली पुलिस मामले को आत्महत्या मानकर चल रही है। थाना प्रभारी वीरेंद्र झा ने बताया कि फिलहाल पुलिस को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे मामला हत्या का हो। ये आत्महत्या है, फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों के आरोपों की भी जांच चल रही है।

परिजनों को हत्या की आशंका

मृतक अमन के चाचा पूर्व पार्षद प्रतिनिधि शक्ति सिंह जादोन का कहना है उनका भतीजा आत्महत्या नहीं कर सकता। उन्होंने उसकी हत्या की आशंका जताई है। शक्ति सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर को मोबाइल को लेकर अरुण और अमन दोनों का दो अन्य युवकों से विवाद हुआ था। थाने में अमन और अरुण के खिलाफ एफआइआर भी हो गई थी। हमने सोचा कहीं पुलिस ने तो गिरफ्तार नहीं कर लिया, हमने थाने में भी पूछा तो वे वहां नहीं थे। साढ़े 8 बजे तक वह पूरनपुरा इलाके में थे, इसके बाद अचानक गायब हो गए। जिनसे विवाद हुआ था उनसे अमन की फोन पर बात भी हुई थी। उन्होंने एसपी से जांच की मांग की है।

पेट्रोल भरवाने का बोला था

अरुण रैकवार के पिता गजानंद रैकवार ने का कहना है कि रात को 8ः45 बजे अरुण से फोन पर बात हुई थी उसने कहा था कि वह अमन के साथ है, गाड़ी में पेट्रोल खत्म हो गया है, पेट्रोल भरवा कर घर आ रहा है, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। रात भर बारिश में वे अरुण को ढूंढते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अरुण के पिता गजानन सिरोंज न्यायालय में बाबू हैं, उनके 3 बेटे थे जिसमें अमन सबसे छोटा था। दोनों के परिजनों का कहना है कि अमन और अरुण के पास गाड़ी नहीं थी, तो वह घर से इतनी दूर रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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