विदिशा। इन दिनों जिले में डेंगू तेजी से फैलता जा रहा है, लेकिन मलेरिया विभाग के पास कर्मचारी ही नहीं है जिसके चलते समय पर सर्वे भी नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि शहर में ही अभी तक 14 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि जिले में डेंगू पीडितों की संख्या बढ़कर 35 तक पहुंच गई है। कर्मचारियों की कमी के चलते 24 घंटे में भी सर्वे नहीं हो पा रहा है। मलेरिया विभाग के पास जिले भर में मात्र 9 लोगों का ही स्टाफ है। जिनमें से पांच कर्मचारियों की एक टीम बनाई गई है जो शहर में घर-घर पहुंचकर लार्वा सर्वे करती हैं। यही टीम डेंगू प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर सर्वे करती हैं। इसके अलावा जिले में चार मलेरिया निरीक्षक हैं जिनके ऊपर पूरे जिले की जिम्मेदारी है। जानकार बताते हैं कि जिस क्षेत्र में डेंगू का मामला सामने आता है वहां टीम को तुरंत मौके पर पहुंचकर कीटनाशक का छिड़काव और उस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचकर सर्वे करना चाहिए। टीम को इस बात की जानकारी जुटाना चाहिए कि वहां अन्य कोई व्यक्ति तो डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित नहीं है। यदि डेंगू से मिलते-जुलते लक्षण मिलते हैं तो उसकी तुरंत जांच कराकर उपचार कराना चाहिए, लेकिन हालात यह हैं कि मामला सामने आने के बाद एक से दो दिन तक वहां सर्वे टीम पहुंचती ही नहीं है। शनिवार को जिले में चार नए डेंगू के मामले सामने आए थे। जिनमें से एक मुखर्जीनगर, दूसरा बरईपुरा और अन्य दो त्योंदा तहसील के ग्राम सोंसेरा और आटासेमर के बताए जा रहे हैं। शहर में दोनों ही जगह 24 घंटे के बाद भी कोई टीम सर्वे करने नहीं पहुंची। इस संबंध में मलेरिया अधिकारी बीएम वरूण का कहना है कि डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। सितंबर माह में भी अभी तक 20 मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए अब एमपीडब्ल्यू,आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि को मिलाकर नई टीम तैयार करने पर विचार चल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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