नटेरन(नवदुनिया न्यूज)।

संजय सागर परियोजना के अंतर्गत अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुईं नहरों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ हो गया है। नहरों की मरम्मत के लिए 70 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 5 नवंबर से इन नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने 30 अक्टूबर तक किसी भी हालत में मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार से ग्राम सेऊ में नहर की मरम्मत का कार्य चालू हो गया है। भारी बारिश के कारण से यहीं सबसे ज्यादा नहर क्षतिग्रस्त हुई थी, बुधवार को यहां मशीनों के माध्यम से मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। सेऊ में नहर का पक्का निर्माण होना है इसलिए सबसे पहले यहीं से काम शुरू किया गया है। विभाग के अधिकारियों द्वारा भी सतत मानीटरिंग करने की बात कही जा रही है। पूर्व जल उपभोक्ता संघ अध्यक्ष सेऊ निवासी ब्रजेश चौकसे ने बताया कि नहरों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ हो गया है। ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता पूर्ण कार्य किया जाए जिससे कि किसानों को कही कोई समस्याओं का सामना न करना पड़े। जिला जल उपयोगिता समिति ने 5 नवंबर से नहरों में पानी छोड़ने का वादा किया है इसलिए प्रशासन को मरम्मत का काम जल्द करना होगा ताकि 5 नवंबर से किसानों को पानी मिल सके।

इन जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई है नहरें

संजय सागर परियोजना के अंतर्गत ग्राम गोरिया खेड़ा, रिनिया, सेऊ, निपानिया में नहर भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहीं नहर का पानी खेतों में भर आने के कारण किसानों की फसलें भी खराब हो गई थीं। नहरों की मरम्मत को लेकर लगातार किसान चिंतित हैं अगर यह मरम्मत का कार्य समय से पहले हो जाता है तो किसानों की फसलों में समय से पहले पलेवा हो जाएगा और किसान अपनी फसलों की बुवाई कर पाएंगे।

इनका कहना है

विभाग के अधिकारियों को एवं ठेकेदार को क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत करने के लिए 30 अक्टूबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। काम भी शुरू हो गया है, किसानों को समय से ही सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।

- प्रवीण प्रजापति, एसडीएम नटेरन

Posted By: Nai Dunia News Network

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