विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हर माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी पर निकलने वाली करीब 18 किलोमीटर लंबी उदयगिरि परिक्रमा जनकल्याण की भावना के साथ शनिवार को निकाली गई। सुबह 7 बजे प्राचीन व्यंकटेश बालाजी मंदिर में पूजन कर शुरू हुई यात्रा दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्ना हुई। इस दौरान मार्ग में श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे।

प्रांतीय पुुजारी महासभा के बैनर तले हर माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी पर निकाली जाने वाली परिक्रमा में बड़़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। पापांकुशा एकादशी के मौके पर शनिवार की सुबह कार्तिक चौक स्थित बालाजी मंदिर में श्रद्धालु एकत्रित हुए। यहां पर भगवान बालाजी का पूजन किया। इसके बाद श्रद्धालु हाथ में ध्वज लेकर राम नाम संकीर्तन करते हुए निकले। मार्ग में जगह-जगह प्राचीन देवालयों सहित ऐतिहासिक उदयगिरि की पहाड़ी में भगवान शिव सहित अन्य प्राचीन प्रतिमाओं के दर्शन किए। महासभा के प्रांतीय अध्यक्ष संजय पुरोहित ने श्रद्धालुओं को भगवान बराह, शेषशायी विष्णु आदि गुफाओं में स्थापित प्रतिमाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस माह जनकल्याण की भावना को लेकर परिक्रमा निकाली गई है। इस मौके पर मदनसिंह यादव, रघुवरदयाल उपाध्याय, शंभूगिरि गोस्वामी, सरदारसिंह कुशवाह, विनोद श्रीवास्तव, जितेंद्र यादव, चंदनदास, प्रतापसिंह, रामगिरि गोस्वामी, गजेंद्रसिंह, भुजबल सिंह, उमेश चतुर्वेदी, सीमा शर्मा, अर्चना शर्मा, मुकेश नेमा, विशाल चतुर्वेदी आदि शामिल रहे।

30 हजार कदम चले परिक्रमा में

प्रांतीय पुजारी महासभा के अध्यक्ष संजय पुरोहित ने बताया कि इस बार उन्होंने अपने मोबाइल से परिक्रमा की दूरी और खासकर कदमों की गिनती की है। जिसमें बालाजी मंदिर से शुरू होकर उदयगिरि की परिक्रमा मंदिर परिसर में सपन्ना करने में साढ़े 17 किलोमीटर लंबी रही जिसमें श्रद्धालु 30 हजार कदम चले। यह परिक्रमा उन्होंने सात घंटे में पूरी की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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