विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी से बचाव के लिए देश ने गुरुवार को कोरोना टीकाकरण में सौ करोड़ का आंकड़ा पूरा कर लिया। जिसका जश्न टीकाकरण केंद्रों पर मनाया गया। भाजपा ने इस मौके पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया। जिले में यह अभियान एक आंदोलन के रूप में चला, जिसका परिणाम यह रहा कि जिले में अब तक 93 फीसद लोग पहला टीका लगवा चुके है।

कोरोना से बचाव के लिए जब टीकाकरण की शुरुआत हुई थी, तब सरकारी अमले में तक डर का माहौल था। सरकारी अमला कोरोना का टीका लगवाने से बचता था, लेकिन धीरे धीरे जागरूकता आई। जिसके कारण कर्मचारियों ने टीके लगवाए। इसके बाद आम लोगों के लिए टीकाकरण शुरू हुआ तो शहरों में केंद्र सुने पड़े रहते थे। पढ़े लिखे लोग भी कोरोना का टीका लगवाने को तैयार नही होते थे। आपसी समझाइश के बाद शहरों में टीकाकरण में तेजी आई लेकिन गांवो में टीकाकरण काफी चुनोतिपूर्ण था। कुछ गांवो में सरकारी अमले के साथ अभद्रता तक की गई, लेकिन स्वास्थ्य अमले ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास नही छोड़ा। कोरोना की दूसरी लहर के बाद तो माहौल पूरा बदला नजर आया। केंद्रों पर वैक्सीन कम पड़ गई लेकिन केंद्रों पर लोगों की कतार कम नही हुई। तीसरी लहर का आशंका के बीच जिले में वर्तमान में रह रहे 93 फीसद लोग कोरोना का पहला टीका लगवा चुके है।अब सात फीसद में बीमार, गर्भवती माताएं और पलायन कर चुके लोग बचे है। इस अभियान को आंदोलन बनाने में सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं का भी बड़ा योगदान रहा।जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग कम समय मे अधिक टीकाकरण कर पाया।

केंद्रों पर सजाई रंगोली, स्वास्थ्यकर्मियों का हुआ सम्मान

देश मे टीकाकारण का सौ करोड़ का लक्ष्‌य प्राप्त होने पर शहर से लेकर गांव तक के टीकाकरण केंद्रों को सजाया गया था।पुराने जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र पर गुब्बारे लगाए गए थे वही सौ करोड़ को प्रदर्शित करती रंगोली बनाई गई थी। यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्व नपा अध्यक्ष मुकेश टण्डन ने सर्वाधिक टीके लगाने वाली स्टाफ नर्स लक्ष्‌मी बंसल का सम्मान किया। इधर, भाजपा ने शाम को पुरानपुरा में बनाए गए केंद्र पर कार्यक्रम आयोजित किया। जहां पर सीएमएचओ डॉ. अखंड प्रताप सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा सहित टीकाकरण में लगे अन्य स्टाफ का पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया। इस दौरान टण्डन के अलावा भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जादौन, जिला महामंत्री अनिल सोनकर, उपाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, सुरेंद्र चौहान, पंकज पांडे आदि मौजूद थे।

टीका लगवाने में युवा सबसे आगे

जिले में अब तक 12 लाख 83 हजार लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिसमे पहला और दूसरा टीका लगवाने वाले शामिल है। इनमें सबसे अधिक युवा है। जिले में टीका लगवाने वालों में 18 से 44 वर्ष वालों की संख्या 7 लाख 52 हजार है।वही 44 से 60 वर्ष वालों की संख्या 3 लाख 27 हजार तथा 60 वर्ष से अधिक आयु वालों की संख्या एक लाख 52 हजार रही है।जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शर्मा के मुताबिक गुरुवार को 184 केंद्रों पर टीकाकरण किया गया, जिसमें 8 हजार लोगों को टीके लगाए गए है।

जिले ने इनकी सहायता से पाया लक्ष्‌य

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(सभी फ़ोटो नाम से )

अब तक 45 हजार लोगों को लगा चुकी है टीके

पीपलखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र पर नियुक्त स्टाफ नर्स लक्ष्‌मी बंसल की ड्यूटी कोरोना टीकाकरण में विदिशा लगाई गई है। लक्ष्‌मी ने 9 माह में एक भी अवकाश नही लिया। अब तक वह 45 हजार लोगों को कोरोना का टीका लगा चुकी है। वह बताती है कि उसकी 20 साल की नोकरी में जितने टीके नही लगाए उतने बीते 9 माह में लगा चुकी है। उन्होंने एक दिन में अधिकतम 1100 लोगो को कोरोना का टीका लगाया है। लक्ष्‌मी कहती है कि यह भी एक सेवा है।जिंदगी में दोबारा ऐसा मौका नही मिलने वाला है, यही सोचकर वह अपना कार्य कर रही है।

16 घण्टे तक कम्प्यूटर पर करते रहे काम

स्वास्थ्य विभाग के डाटा मैनेजर हेमंत कुलश्रेष्ठ को कोरोना महामारी के दौरान 14 से 16 घण्टे रोज काम करना पड़ा, लेकिन वे पीछे नही हटे। वे लगातार कम्प्यूटर पर जिले भर के डाटा को अपडेट कराते रहते थे।हेमंत बताते है कि उन्होंने कोरोना की टेस्टिंग से लेकर टीकाकरण तक में अपना सौ फीसद योगदान दिया इस दौरान उन्होंने अवकाश के दिनों में भी काम किया।

वैक्सीन लाने में नही देखा दिन और रात

कोरोना टीकाकरण में वैक्सीन का समय पर पहुंचना बड़ी चुनौती थी, जिसे जिला वैक्सीन स्टोर मैनेजर राजेश अहिरवार ने बखूबी निभाया। राजेश की ड्यूटी भोपाल से वैक्सीन लाने और उसे जिले के सभी सेंटरों पर पहुंचाने की थी। इसके लिए उन्होंने दिन और रात की चिंता नही की।कभी सुबह 6 बजे तो कभी रात दो बजे भी वे वैक्सीन लाने भोपाल पहुंचे। इस काम मे उनके सहायक जीवनराम चंदेल, अजय मालवीय और ड्राइवर शिवनारायण शर्मा ने भी खूब मदद की।

9 माह में नही लिया एक भी अवकाश

कोरोना टीकाकरण में डाटा आपरेटर की बड़ी भूमिका थी। टीकाकरण ऑनलाइन होने के कारण पंजीयन से लेकर टीकाकरण की एंट्री तक मुश्किल काम था लेकिन डाटा आपरेटर हरिओम वर्मा इसमे जुटे रहे। बीते 9 महीने के दौरान उन्होंने एक भी दिन अवकाश नही लिया।सुबह से देर रात तक वे सभी केंद्रों की रिपोर्ट लेने से लेकर केंद्र गठित करने की जानकारी बनाने में लगे रहे।हरिओम का कहना था कि कोरोना ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है। इसमें वे पीछे नही रहना चाहते।

Posted By: Nai Dunia News Network

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