नटेरन ( नवदुनिया न्यूज) संजय सागर बांध परियोजना के अंतर्गत ग्राम गोरियाखेड़ा एक्वाडक्ट पर नहर के नीचे की दीवार सोमवार को ढह गई, जिसके कारण हजारों लीटर पानी नाले में होते हुए एक खेत मे घुस गया। अब नहर की मरम्मत में कम से कम एक सप्ताह लगेगा, जिसके चलते करीब 25 गांवो में नहर से सिंचाई ठप्प रहेगी। क्षेत्र के पूर्व विधायक रुद्रप्रताप सिंह ने कलेक्टर उमाशंकर भार्गव से घटिया निर्माण की जांच कराने की मांग की है। मालूम हो, नहर से पानी वितरण के लिए कुछ स्थानों पर पुल बनाकर लोहे के पाइपों से पानी निकाला जाता है। पाइप के नीचे मिट्टी की मोटी दीवार होती है। सोमवार दोपहर को यह दीवार क्षतिग्रस्त होने लगी। उस समय मुख्य नहर में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया था। थोड़ी देर बाद ही मिट्टी की दीवार पानी के तेज बहाव में बह गई। इसी के साथ नहर की करीब 70 मीटर की मिट्टी को भी बहा ले गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को खबर लगते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्ही के साथ क्षेत्र की विधायक राजश्री सिंह के पति पूर्व विधायक रुद्रप्रताप सिंह भी थे। अधिकारियों ने मौके का जायजा लेने के बाद तत्काल बांध से मुख्य नहर को बन्द कराया। अधिकारियों का कहना था कि अब दो दिन मुख्य नहर भी बन्द रहेगी।

तीन साल पहले भी क्षतिग्रस्त हुई थी नहर

गोरियाखेड़ा के सरपंच दशरथ सिंह यादव ने बताया कि तीन साल पहले इसी जगह से यह नहर क्षतिग्रस्त हुई थी और स्ट्रक्चर की दीवार की मरम्मत भी की गई थी। घटिया निर्माण के चलते सोमवार को फिर उसी जगह से यह नहर क्षतिग्रस्त हो गयी है॥सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रकाश सिंह का भी कहना था कि मात्र 9 साल पहले यह नहर बनी थी॥इतने कम समय मे ही नहर जगह जगह क्षतिग्रस्त होने लगी है। उन्होंने भी घटिया निर्माण की बात स्वीकारी है। पूर्व विधायक सिंह का कहना था कि कलेक्टर को अपनी टीम मौके पर भेजकर नहर की शीघ्र मरम्मत कराना चाहिए। इस नहर में हुए घटिया निर्माण की भी उच्च स्तरीय जांच की जाना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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