ग्यारसपुर( नवदुनिया न्यूज)। जिले के ग्यारसपुर के जंगल पर अतिक्रमण करने वालों की नजर लग गई है। वे वन विकास निगम के अधीन रिजर्व फारेस्ट कहलाने वाले जंगल मे हरे भरे पेड़ों को काटकर मैदान बनाने में लगे है ताकि वहां खेती की जा सके। बीते एक सप्ताह में ही कई पेडों को काटा जा चुका है लेकिन निगम का अमला बेखबर है। निगम के वन परिक्षेत्र अधिकारी आरके वर्मा से दो दिन से उनके मोबाइल फोन पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नही किया। मालूम हो, बीते साल मुरवास और लटेरी में जंगल मे अतिक्रमण के कारण ही कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई थी। मुरवास में अतिक्रमण करने वाले सरपंच पति की हत्या के बाद मुरवास में कई दिनों तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर डॉ. पंकज जैन ने राजस्व और वन विभाग के मैदानी अमले से जंगलों में अतिक्रमण की जानकारी मांगी थी। इस जानकारी में हजारों हेक्टेयर जंगलों में अतिक्रमण करना पाया गया था लेकिन इस अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही शुरू नही हो पाई। अब ग्यारसपुर क्षेत्र में जंगल मे अतिक्रमण की शुरुआत हो गई है। यदि समय रहते यहां अतिक्रमण नही रोका गया तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नही किया जा सकता।

रिजर्व फारेस्ट में हो रही पेडों की कटाई

वन अधिनियम के अनुसार रिर्जव फारेस्ट में आम लोगों का घुसना भी प्रतिबंधित होता है लेकिन ग्यारसपुर वन परीक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरमडी के शेखपुर आरएफ 116 कंपाउंड में हजारों बीघा जंगलों की सफाई कर खेती की जा रही है । स्थानीय वन अमले की मिलीभगत से बेशकीमती सागौन के पेड़ काटकर जमीन उपजाऊ कर खेती की जा रही है। बरमडी के पास सिंध नदी से लगकर सैकड़ों बीघा पर अवैध रूप से जंगल को काटकर उपजाऊ भूमि बनाकर खेती की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया है कि भीलो के द्वारा इस जमीन पर खेती की जा रही है। संबंधित निगम के अमले की मिलीभगत से यह खेल निरंतर जारी है।

जंगल कम खेत दिख रहे है ज्यादा

ग्रामीणों के मुताबिक इन जंगलों में वृक्ष कम ही दिखाई देंगे,अब चारों तरफ हरी-भरी खेती ही खेती नजर आ रही है । बाहर से वन विकास निगम की लगाई गई नर्सरी दिखाई देती है, नर्सरी के पीछे जंगल कम खेती ज्यादा दिखाई दे रही है। हरे- भरे सागौन के वृक्ष इमारती लकड़ियों को काटकर खेती योग्य भूमि बनाने का काम अभी भी जारी है। मौके पर सैकड़ों बीघा जमीन में कटे हुए पेड़ों के ठूंठ नजर आएंगे, जो अवैध कटाई का प्रमाण है।

वर्जन

वन विकास निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर अतिक्रमण की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

- उमाशंकर भार्गव, कलेक्टर, विदिशा

Posted By: Nai Dunia News Network

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