विदिशा। कम दामों में निर्माण करने के लिए टेंडर डालने वाले 11 में से 10 ठेकेदारों ने काम ही शुरू नहीं किया और एक ने शुरू किया था, तो घाटा लगने की संभावना के चलते बीच में ही काम छोड़कर भाग गया है। जिससे डेढ़ साल बाद भी स्कूलों में स्वीकृत निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सके हैं। हालांकि नपा ने इन भगोड़े ठेकेदारों की ढाई लाख रुपये अमानत राशि जब्त कर ली है। बता दें कि नगर पालिका के पास शिक्षा उपकर की करीब चार करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। इस राशि का उपयोग सरकारी स्कूलों के रखरखाब में किया जाता है। शिक्षा विभाग ने शहरी क्षेत्र के 25 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, बाउंड्रीवाल, पेवर ब्लाक और शौचालय निर्माण के लिए करीब दो करोड के प्रस्ताव भेजे थे। जिन्हें नपा ने मंजूर कर टैंडर बुलाए थे। स्कूलों में निर्माण कार्य के लिए करीब 20 ठेकेदारों ने टैंडर डाले थे। जिनमें से 14 स्कूलों में ही निर्माण कार्य शुरू हो सके हैं, जबकि 11 स्कूलों में अभी तक निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हुए। इस संबंध में नपा के सब इंजीनियर आजाद जैन का कहना है कि 10 ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया और एक बीच में काम अधूरा छोड़कर भाग गया है। उन्होंने बताया कि भागने वाले सभी ठेकेदार रायसेन, भोपाल और ग्वालियर के थे जिन्होंने तय दरों से 12 फीसद कम में टैंडर डाले थे, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि नुकसान होगा तो उन्होंने काम नहीं किया।

ठेकेदारों ने इसलिए छोड़ दिया काम

रायसेन जिले के एक ठेकेदार ने शहर के महारानी लक्ष्‌मीबाई उमावि में दो कक्ष निर्माण के लिए 7 लाख रुपये में काम लिया था, जबकि सरकारी रेट ही आठ लाख था। उसने काम शुरू भी कर दिया था। गढ्डे खोदकर फुटिंग डाली जा चुकी थी। जिसमें उसने 10 एमएम का सरिया बांध दिया था। जबकि नक्शा के मुताबिक उसमें 12 एमएम का सरिया लगना था। सब इंजीनियर आजाद जैन ने जब दबाव डाला तो उसने काम बंद कर दिया। जैन के मुताबिक ठेकेदार कहना था कि इस काम में तो दो लाख रुपये का घाटा हो जाएगा। इसलिए हम काम नहीं कर सकेंगे। हमारा काम निरस्त करा दो। हालांकि बाद में उसने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर काम करने में अस्मर्थता जता दी। जैन ने बताया कि जो काम ठेकेदार ने सात लाख में ले लिया था वह सरिया महंगा होने के कारण 9 लाख में होता।

बदबू से परेशान है शिक्षक और छात्राएं

एलएलबी स्कूल में ठेकेदार द्वारा अधूरा काम छोड़ देने के कारण वहां का नाला भी खुला पड़ा है। जिससे वहां बदबू आती हैं। छात्राओं का कहना है कि नाला उनके कक्षों के पास से निकला है। खुला होने के कारण उन्हें बदबू आती है जिससे पूरे समय कक्षों में बैठना भी मुश्किल होता है। इसके अलावा रायपुरा स्कूल में बाउंड्रीवाल नहीं हो सकी जिससे वहां असामाजिक तत्वों का डेरा जमा होता है। लुहांगीा शाला में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण नहीं हो पाने से वहां बच्चों को बैठने में परेशानी आती है।

जिन ठेकेदारों ने काम नहीं किया अथवा अधूरा छोड़कर चले गए हैं उनकी अमानत राशि जब्त की गई है। सभी 11 स्कूलों में निर्माण कार्य के लिए फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी ही सभी जगह निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।

- आजाद जैन, सब इंजीनियर, नपा

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local