विदिशा(नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। हर मोहल्ला में कुत्तों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, लेकिन नपा के पास न तो कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम हैं और न ही नसबंदी कराने बजट। अफसरों का कहना है कि बजट नहीं होने के कारण पिछले 12 साल से कुत्तों की नसबंदी नहीं कराई गई है। हालांकि अब वह कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल मंगाने की बात कह रहे हैं। बता दें कि शहर की हर कालोनी और मोहल्लों में कुत्तों की संख्या में तेजी से बढोत्तरी हो रही है। संख्या बढ़ने के साथ ही अब यह लोगों पर हमले भी करने लगे हैं। जिसके चलते देर शाम और अल सुबह लोग मोटर साइकल से जाने में और अकेले निकलने में कतराने लगे हैं। कुत्तों की आवाज और रोने के कारण कई मोहल्लों में लोग रात में सो नहीं पाते। बक्सरिया मोहल्ला के लोगों का कहना है कि उन्हें कुत्तों की बढ़ती संख्या से दिक्कत नहीं है, लेकिन दरबाजों के सामने खड़े होकर उनके रोने से वह परेशान हैं। जब उन्हें हटाते हैं तो वह आक्रामक मुद्रा में आ जाते हैं। रात में यदि अचानक कहीं जाना हो तो मोटर साइकल से जाने में डर लगता है। कई स्वजन तो अपने बच्चों को आंगनबाडी केंद्र और स्कूल तक स्वयं छोड़ने जाते हैं। रीतेश शर्मा का कहना है कि जब आंगनबाडी केंद्रों से बच्चे दलिया आदि पकी हुई सामग्री लेकर जाते हैं तो सामग्री के चक्कर में कुत्ते बच्चों पर झूम जाते हैं जिससे वह घायल हो जाते हैं।

कई लोगों के आते हैं फोन

नपा के स्वास्थ्य निरीक्षक राजेश शर्मा का कहना है कि उनके पास कुत्तों के काटने और अन्य तरह की परेशानियों को लेकर लोगों के फोन आते हैं तो वह तत्काल कर्मचारियों को भेजकर संबंधित क्षेत्र से कुत्तों को पकड़कर शहर के बाहर भिजवा देते हैं, लेकिन वह फिर से शहर में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि मोहनगिरि, करैयाखेड़ा क्षेत्र, चौपड़ा, पेढ़ी चौराहा, जतरापुरा, लुहांगी मोहल्ला आदि से फोन आते रहते हैं। लेकिन अब वह जल्दी ही कुत्तों की धरपकड़ शुरू करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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