विदिशा( नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में इस बार रबी सीजन में अच्छे मौसम के चलते किसानों को जोरदार पैदावार की उम्मीद थी लेकिन बीते तीन दिनों के मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दो दिन ओलावृष्टि से सिरोंज, कुरवाई और लटेरी क्षेत्र के 49 गांवों में सैंकड़ों हेक्टेयर फसल 60 फीसद तक खराब हो गई है। रविवार को कलेक्टर उमाशंकर भार्गव के अलावा सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा और कुरवाई विधायक हरीसिह सप्रे ने पर प्रभावित गांवों का दौरा किया। सभी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके खेतों के सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। जिले में इस बार रबी सीजन में 5 लाख 30 हजार हेक्टेयर में किसानों ने बोवनी की थी, जिसमें साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में गेहूं, एक लाख 42 हेक्टेयर में चना और 33 हजार हेक्टेयर में मसूर की बोवनी की थी। इस साल सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी और अच्छे मौसम के कारण खेतों में फसल लहलहा रही थी। तीन दिन पहले मौसम में बदलाव शुरू हुआ। जिले में बारिश का दौर शुरू हो गया। इसी दिन रात को लटेरी क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई, जिसमें 21 गांवों में किसानों की गेहूं, चना और मसूर की फसल चौपट हो गई। वही सिरोंज के 28 गांव प्रभावित हुए। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बताया कि उन्होंने दोनों क्षेत्र के एसडीएम को शीघ्र सर्वे कराकर किसानों को सहायता राशि वितरित करने के निर्देश दिए है।

खेतों में बने जलभराव के हालात, फसल गलने का डर

जिले की सिरोंज और लटेरी तहसील क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हुई है वही अन्य तहसील क्षेत्रों में लगातार बारिश मुसीबत बन गई है। पीपलखेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से जलभराव के कारण गेहूं ,चने की फसल को खासा नुकसान हो रहा है। अत्याधिक वर्षा से गेहूं की फसल पीली पड़ रही है। जलभराव के कारण किसान चने की फसल में पहली सिंचाई कर चुके थे, इसके बाद यह पानी गिरने से चने की फसल को भी नुकसान हो रहा है । किसान उत्तम सिंह धाकड़ ने बताया कि उनकी तुवर की फसल आ चुकी थी ,उनकी कटाई चल रही थी ,अब पानी गिरने से उसमें नुकसान हो रहा है। जलभराव के कारण अभी हाल ही में हुई बोनी को नुकसान हो रहा है किसान मनोज किरार ने बताया कि उन्होंने अभी हाल ही के दिन में सूखे में बोनी की थी , फसल ने पानी दिया था । अब पानी गिरने से फसल में अंकुरण कम हो रहा है ।

खेतों में खराब होने लगी सब्जियां

फसलों के अलावा सब्जियों को भी खासा नुकसान बताया जा रहा है। जिले में इस साल 500 हेक्टेयर में सब्जियों की किसान खेती कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पालक, टमाटर, मटर, हरा धनिया, मिर्च आदि की फसल खराब होने लगी है। खेतो में पानी होने के कारण टमाटर सड़ने लगे हैं। वहीं पालक और मैथी मिट्टी की चपेट में आ गई हैं। सुनपुरा के नेतरात कुशवाह ने बताया कि यदि शीतलहर जारी रहती है तो पाला पढ़ने की भी संभावना बन रही है। हालांकि उद्यानिकी अधिकारी केएल व्यास का कहना है कि अभी आंशिक ही नुकसान हुआ है, लेकिन मौसम ज्यादा दिन तक खराब रहा तो सब्जियों के खराब होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

विधायक ने सीएम से की चर्चा, किसानों को बंधाया ढांढस

शनिवार की रात फिर आनन्दपुर क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि हुई। जिसके कारण किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की बालियां झड़ गई वही चने की फसल खराब हो गई। रविवार को सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ग्राम ग्राम चौपना, सालरा, मीना उमरिया, हैदरपुर, चमर उमरिया, रामनगर, वापचा, आदि ग्रामों में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र से ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को फोन लगाकर उन्हें ओलावृष्टि से नुकसान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पीड़ित किसानों के खेतों का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। विधायक शर्मा ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस संकट के समय मे वे और पूरी सरकार किसानों के साथ है।

ओलावृष्टि से यह गांव हुए प्रभावित

लटेरी एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि ओलावृष्टि से ग्राम चमरउमरिया, झूकरउमरिया, सालरा, हैदरपुर, बनारसी, मुनीमपुर, महोटी, शेरगढ़, वापचा, सईदनगर, गोलाखेड़ा कलां, कोलापुरा, शाहपुरनौआबाद, खेरखेड़ीकलां, औखलीखेड़ा, उमरियामीना, चौपनानौआबाद, मेहमूदगंज, मढावता, मोहनपुरा खुर्द, अलीगंज सहित कुल 21 ग्रामों में फसलों को 10 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वही सिरोंज एसडीएम प्रवीण प्रजापति ने बताया कि ओलावृष्टि से सिरोंज तहसील के 28 ग्रामों में फसलें प्रभावित हुई हैं, इनमें हीरापुर, पंडेरा बुरहान, पिपलिया हाट, कंसी, बांसखेड़ी अस्पाल, कुन्दनखेड़ी, बाबुलखेड़ी, झंडवा, मूडराधर्मू, सरेखो, सांकल हवेली, अबुआढाना, मुजफ्फरगढ़, पैकोली, बांसखेड़ी गुगल, पारधा, सुगनयाई, पारधा, दीपनाखेड़ा, सांकला जगथर, प्याराखेड़ी, सनोटी, त्रिभुवनपुर, बुढे़ेना, डेंगरा, सालपुर कलां, रिनिया, करैयाहाट शामिल है।

20 बीघा खेत में चना की बोवनी की थी। सिचाई करके ही फ्री हुए थे, अब लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है जिससे चना की फसल खराब होने की संभावना बन रही है।

- भारतसिंह रघुवंशी , किसान , नटेरन।

लगातार हो रही बारिश से सब्जियां खराब होने लगी हैं। जिस तरह से शीतलहर चल रही है यदि इसी तरह चलती रही और बारिश होती रही तो पाला पढ़ने की संभावना बन रही है।

-गनपतसिंह कुशवाह, किसान ,उदयगिरि।

पहली बार मैने पांच बीघा खेत में लहसुन और प्याज लगाई थी, लेकिन बारिश होने के कारण पौध पीली पढ़ने लगी है। यदि कुछ दिन और मौसम साफ नहीं हुआ तो खासा नुकसान हो जाएगा।

- बदनसिंह लोधी ,किसान, नटेरन।

जिन किसानों के खेतों में पानी भर गया है वह किसान बगैर देर किए खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करें और तुअर की कटी पड़ी फसल को पलटते रहे जिससे उसमें हवा लगती रहे।

-महेंद्रसिंह ठाकुर, सहायक कृषि अधिकारी, विदिशा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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