विदिशा( नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सरकार से लेकर प्रशासन के अधिकारी रोज लोगों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करने की सीख दे रहे है लेकिन बुधवार को युवा दिवस पर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एसएटीआइ परिसर में आयोजित रोजगार महोत्सव में प्रशासन ही कोरोना गाइड लाइन को भूल गया। यहां लोग मास्क तो लगाए हुए थे लेकिन कही शारीरिक दूरी का पालन होता दिखाई नहीं दिया। कार्यक्रम में मौजूद जिले के प्रभारी मंत्री से लेकर सागर और विदिशा के दोनों सांसदों ने भी इस बात को गम्भीरता से नहीं लिया। राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने स्वरोजगार, रोजगार दिवस महोत्सव के नाम पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के लिए बारह निजी कंपनियों को आमंत्रित किया था वही शासन की रोजगार आधारित योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्ना विभागों के करीब तीस स्टाल लगाए गए थे। शुरुआती समय मे तो यहां आए लोग कोरोना गाइड लाइन करते हुए मास्क के साथ उचित दूरी का पालन करते नजर आए लेकिन जैसे ही प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, सांसद रमाकांत भार्गव, सहित अन्य नेता स्टालों पर पहुंचे वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर स्टाल पर लोगों की भीड़ थी। इधर, कैलाश सत्यार्थी हाल में स्वरोजगार योजनाओं के सौ लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र देने के लिए बुलाया था। इस हाल में भी पांच सौ से अधिक लोग मौजूद थे, जबकि कोरोना गाइड लाइन के अनुसार सार्वजनिक आयोजन में ढाई सौ से अधिक लोगों की अनुमति नहीं है। प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में सर्किट हाउस में भी कार्यकर्ताओं की जमकर भीड़ लगी रही।

प्रभारी मंत्री बोले, हमने आज रिकार्ड बनाया

प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्वामी विवेकानन्द का सपना था कि इक्कीसवीं सदी में भारत शक्तिशाली और वैभवशाली देश बने। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बुधवार को उनकी जयंती पर प्रदेश भर में लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ही दिन में पांच लाख लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने का रिकार्ड बनाया है। प्रदेश में 2400 करोड़ रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की है। विदिशा में 2922 लाभार्थियों के लिए 2 कोरोड 35 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। निजी कंपनियों में 387 बेरोजगारों ने पंजीयन कराया। 48 युवाओं को रोजगार के लिए चयनित किया गया है।

चार साल से नहीं हुआ आडिट, चार माह से डॉक्टर लापता

कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने जिला योजना समिति की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों की समीक्षा की। इस दौरान क्षेत्र के विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं भी रखी। सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने सिरोंज में गठित रोगी कल्याण समिति का चार साल से आडिट नहीं होने और अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर विवेक अग्रवाल और उनकी पत्नी चार माह से अनुपस्थित होने की शिकायत की। जिस पर प्रभारी मंत्री ने सीएमएचओ अखंड प्रताप सिंह को तत्काल आडिट कराने और गैरहाजिर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

कोरोना जागरूकता के लिए शुरू होगा दस्तक अभियान

प्रभारी मंत्री सारंग ने जिला क्राइसेस मैनेजमेंट समिति और रोगी कल्याण समिति की बैठक के बाद मेडिकल कालेज के अस्पताल में बनाए गए कोरोना वार्डो और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सारंग ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए जिले में अगले हफ्ते से दस्तक अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें गांव स्तर पर गठित क्राइसेस मैनेजमेंट समिति के सदस्य ग्रामीणों के घर घर जाकर उन्हें साहित्य के माध्यम से कोरोना के प्रति जागरूक करेंगे। इस दौरान घर का कोई सदस्य कोरोना के लक्षणों वाला मिलता है तो उसे जांच के लिए प्रेरित करेंगे। समिति सदस्यों के पास मेडिकल किट भी उपलब्ध रहेगी। सभी समितियों को व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाएगा। सारंग ने कहा कि कोरोना से लड़ाई शासन- प्रशासन नहीं समाज के साथ लड़ना होगी। कलेक्ट्रेट की बैठक में उनके साथ विदिशा सांसद रमाकांत भार्गव, सागर सांसद राजबहादुर सिंह, विधायक हरीसिंह सप्रे, उमाकांत शर्मा, राजश्री सिंह और लीना जैन मौजूद थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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