गंजबासौदा(नवदुनिया न्यूज)। सिंधी कालोनी गुरुद्वारे में शुक्रवार को अमर शहीद हेमू कालाणी का शहीदी दिवस मनाया गया। इस दौरान उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर माल्यार्पण कर देश के लिए दिए गए उनके बलिदान को लेकर उन्हें नमन कर उनकी गाथाओं को व्यक्त किया गया। इस मौकेपर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में इस भूमि के अनगिनत सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया। अंग्रेजों को भारत से भगाकर देश को जिन वंदनीय वीरों ने आजाद कराया उनमें सबसे कम उम्र 20 वर्ष के क्रांतिकारी अमर शहीद हेमू कालाणी भी थे। हेमू कालाणी का जन्म 23 मार्च 1923 के दिन अविभाजित भारत के सिंध प्रांत के सक्खर जिले में हुआ था। उनका पूरा परिवार देशभक्ति से ओतप्रोत था, उन्हें बचपन में भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के किस्से सुनाए जाते थे और इसी वजह से उनमें बचपन से ही देश पर कुर्बान होने की भावना उत्पन्ना हो चुकी थी। एक बार जब उन्हें जानकारी मिली कि अंग्रेजी सेना की गोला बारूद से भरी हुई एक रेलगाड़ी जल्द ही आने वाली है तो उस रेलगाड़ी को रोकने के प्रयास के लिए रेल की पटरिया उखाड़ते हुए पकड़े जाने पर उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। तो उन्होंने उसे सहज स्वीकार किया और अपनी अंतिम इच्छा को जताते हुए कहा कि मेरा अगला जन्म भारत वर्ष में ही हो और मैं देश सेवा कर सकूं। इस अवसर पर संरक्षक जमीयत राय तनवानी, नरसिंह राय तनवानी, पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष प्रदीप कुमार खटवानी, पंचायत के सचिव सुरेश कुमार तनवानी, दिलीप कुमार तनवानी, प्रकाश वाधवानी, खेमचंद मेहता, दीपक तनवानी, संजू मोटवानी, नरेश कटारिया, रोशन बलेचा, जसवंत मेहता, महिला मंडल से कमला बलेचा, वंदना तनवानी, निर्मला,भारती तनवानी,कृष्णा,देवेंद्र कौर उपस्थित थीं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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