सिरोंज(नवदुनिया न्यूज)। आशियाना बनाना महंगा हो गया है, पिछले एक साल में भवन निर्माण सामग्रियों की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक का उछाल आया है। इसकी सबसे बड़ी वजह डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा आपूर्ति नहीं होना बताया जा रहा है। हालाकि पिछले एक माह में लोहे का दाम कुछ कम हुआ है लेकिन लोहा पहले से ही इतना महंगा हो गया था कि उसमें एक रुपये की कमी भी हितग्राही को राहत नहीं दे रही है। रेत, गिट्टी और ईंटों के दामों में कोई भी बदलाव नहीं आया है जिससे कई आवासों का काम रुका हुआ है। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमणकाल और लाकडाउन के साथ ही डीजल-पेट्रोल की कीमतों और ट्रक भाड़े में वृद्धि का असर आशियाने पर भी पड़ा है। मकान निर्माण में लगने वाले सभी सामग्री ईंट, गिट्टी, रेत आदि के दाम आसमान छू रहे हैं। इसमें बेतहाशा बढ़ोतरी से भवन निर्माण कराने वाले लोगों को झटका लगा है। वहीं सामग्री बेचने वालों के अनुसार सामग्रियों की कीमतें 30-40 प्रतिशत तक बढ़े हैं। ऐसे में आवास बनवाने वालों को परेशनी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मध्यम वर्ग के लोगों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। इस कारण कई लोग काम को रोक भी रहे हैं।

अधूरे रह गए मकान वर्षा के समय हो रही दिक्कत

शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास योजना के तहत कुटीर स्वीकृत हुई और पैसे किश्तें भी पूरी खाते में डल गईं। लोहा, सीमेंट, रेत व अन्य निर्माण सामग्री की लगातार रेट बढ़ने से कई लोगों के छत नहीं डल पाए। जिससे अब लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ऐसे भी कई लोग है जिनकी अंतिम किश्त रुकी पड़ी है जिससे उनके आवास की छत नहीं हो पा रही। वर्षा के दौरान तिरपाल तानकर रहना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 16 निवासी प्रदीप कोली, भगवती बाई, मदनलाल ने बताया कि उनकी अंतिम किश्त नहीं डलने से छत पूरी नहीं हो पाई। जिससे वर्षा के दौरान बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी

आवास अधूर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा हैं। शहरी क्षेत्र के लोगों को आवास के लिए ढाई लाख रुपये मिलते हैं जिसमें दो कमरे तक हितग्राही बना ही लेता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राही को एक लाख 20 हजार रुपये ही मिलते हैं जिसमें दो छोटे कमरों का घर बनाना मुश्किल हो रहा है। महंगी निर्माण सामग्री के कारण कई आवास अधूरे पड़े हुए हैं लोग घर की छत नहीं बनवा पा रहे हैं।

वर्ष 2021 और अब कीमतें

- ईंट पहले 7 से 8 हजार रुपए में 2 हजार, अब कीमत 9 से 10 हजार रुपए

- रेत पहले एक ट्राली 2500 रुपए तक, अब 5200 रुपए

- गिट्टी पहले 25 से 26 रुपए फीट, अब 28 से 30 रुपए

- सीमेंट पहले 220 से 250 तक, 380 रुपए तक

- सरिया पहले 4800 से 5100 रुपए प्रति क्विंटल, अब 6700 रुपए तक

Posted By: Nai Dunia News Network

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