विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सिंगल यूज प्लास्टिक पर तीन साल पहले रोक लगाने के आदेश हुए थे, लेकिन अभी भी शहर में धडल्ले से पोलीथीन का उपयोग हो रहा है। हालात यह हैं कि हर दिन शहर में ही करीब सात क्विंटल पालीथीन की खपत हो रही है। इधर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने एक बार फिर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्मोकोल से बने सिंगल यूज प्लास्टिक की बस्तुएं भी प्रतिबंध के दायरे में रखी गई हैं। मजे की बात यह है कि कल से पालीथीन पर प्रतिबंध लग जाएगा, लेकिन नगरपालिका के अधिकारी अभी आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं। पर्यावरण के लिए चुनौती बनी पालीथीन पर एक बार फिर से सख्ती होती दिखाई दे रही है, लेकिन नगरपालिका के अधिकारियों ने अभी तक कोई कार्ययोजना नहीं बनाई है। नपा के स्वास्थ्य निरीक्षक राजेश शर्मा का कहना है कि अभी कर्मचारी चुनाव में लगे हैं, इधर अभी उन्हें आदेश भी नहीं मिला है। जब आदेश मिल जाएगा तो वह अपनी टीम के साथ अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे। बता दें कि सबसे ज्यादा पोलीथीन का उपयोग सब्जी मंडी, फुटकर सब्जी विक्रेता, किराना व्यापारी और चलते-फिरते छोटे-छोटे व्यापारी करते हैं। सब्जी मंडी में रोज एक क्विंटल पालीथीन की खपत होती है। करीब 50 किलो पालीथीन की खपत फुटकर सब्जी विक्रेता और करीब इतनी ही फल विक्रेता करते हैं। पूरे शहर में किराना, कपड़ा, और अन्य छोटे-छोटी व्यापारियों के यहां 5 क्विंटल से ज्यादा खपत हो जाती है। शहर में ही करीब 100 व्यापारी हैं जो पन्नाी की विक्री करते हैं। फल विक्रेता राजेश सेन का कहना है कि वह रोज 100 रुपये तक की पोलीथीन खरीदते हैं। यदि प्रतिबंध लग जाए तो कम से कम यह राशि बचने लगेगी,लेकिन उनका कहना है कि जब तक उत्पादन बंद नहीं होगा पोलीथीन पर रोक लगना संभव नहीं है। सब्जी विक्रेता अशोक साहू का कहना है कि ग्राहक थैला लेकर नहीं आते, यदि उन्हें पोलीथिन नहीं देते तो सामान नहीं खरीदते।

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