राजेंद्र शर्मा, विदिशा। रोजगार के लिए भले ही अपना देश छोड़ना पड़ा हो लेकिन लोगों में संस्कार और संस्कृति आज भी जीवित है, इसी का प्रमाण विदिशा के दुर्गा मंदिर में मां जगदम्बा के समक्ष जल रही 811अखंड ज्योत है, जिसमें स्थानीय और बाहरी लोगों के अलावा विदेश में रह रहे छह भारतीय भी शामिल है, जिन्होंने इस मंदिर में कुशलता की कामना के लिए आस्था की ज्योत प्रज्वलित करवाई है। करीब 60 वर्ष पहले बना यह दुर्गा मंदिर शहर ही नहीं प्रदेश भर के श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र है। इस मंदिर के महंत पंडित रामेश्वर दयाल चतुर्वेदी बताते हैं कि पढ़ लिख कर रोजगार के लिए विदेश में बसे लोग आज भी हर नवरात्र पर माता के समक्ष ज्योत जलवाना नहीं भूलते। इस वर्ष अमेरिका,लंदन और दुबई में रहने वाले परिवारों के नाम से ज्योत प्रज्वलित की गई है। आगामी दस दिन इस ज्योत की देखरेख मंदिर प्रबंधन करेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर में घी और तेल से ज्योत जलाई जाती है, इसके लिए श्रद्धालुओं से घी के लिए 1900 रुपये और तेल की ज्योत के लिए 800 रुपये की रसीद कटवाई जाती है। पंडित चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर में पिछले 40 वर्षों से ज्योत जलाने की परंपरा चल रही है। इसके लिए मंदिर परिसर में एक अलग कक्ष तैयार करवाया गया है, जहां पर 811 ज्योत जल रही है, इनमें 700 तेल की और 111 घी की ज्योत शामिल है। ज्योत चौबीसों घंटे जलती रहें,इसके लिए छह कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है।

कुशलता की कामना के लिए जलवाते है ज्योत

दुबई में अपने पति के साथ रह रही सोमाली सिन्हा बताती है कि वह पिछले दस वर्षों से दुर्गा मंदिर में हर नवरात्र में ज्योत जलवाती है। उनके पूरे परिवार की आस्था इस मंदिर से जुड़ी है। वे ज्योत जलवाकर माता रानी से परिवार की कुशलता की कामना करती है। इसी तरह पिछले वर्ष ही अमेरिका गई सोनल श्रीवास्तव कहती है कि माता रानी के आशीर्वाद से ही अब तक उसकी सारी मनोकामना पूरी हुई है। वह विदिशा में रहते समय से नवरात्र पर मंदिर में ज्योत जलवाती थी और रोज दर्शन के लिए जाती थी लेकिन विदेश में रहते रोज दर्शन संभव नहीं, इसलिए उन्होंने अपने नाम से ज्योत जलवाई है।

विदेश में बसे इनके नाम से जल रही ज्योत

- सुभाष सक्सेना - लंदन

- सोनल श्रीवास्तव - अमेरिका

- सोनिका श्रीवास्तव - अमेरिका

- एनके मंडलोई - अमेरिका

- अमन छाबड़ा - दुबई

- सोमाली वोहरा - दुबई

अखंड ज्योत जलाने की यह है मान्यता

पंडित संजय पुरोहित के मुताबिक धार्मिक मान्यता है कि नवरात्र के नौ दिनों में माता रानी धरती लोक पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों के कष्टों को हर कर उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। साथ ही नौ दिनों के लिए माता रानी के नाम की अखंड ज्योत भी जलाई जाती है। अखंड ज्योत का मतलब ऐसी ज्योत जो खंडित न हो। धार्मिक ग्रंथों में लिखा गया है कि इस अखंड ज्योत के प्रकाश से आपके घर-परिवार की सभी समस्याओं का अंत हो जाता है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए मां दुर्गा को समर्पित नवरात्र पर्व पर अखंड ज्योत जलाई जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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