विदिशा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिले की नटेरन तहसील में पदस्थ तहसीलदार सत्यनारायण सोनी पर एफआईआर की मांग को लेकर रविवार को जिले भर के पटवारियों ने करीब 4 घंटे तक स्थानीय मेडिकल कालेज में प्रदर्शन किया और बाद में अनिश्चितकाल के लिए काम का बहिष्कार कर दिया है। आरोप है कि तहसीलदार की प्रताड़ना के चलते ही पटवारी अंकित वधावन मानसिक रूप से परेशान था और शनिवार की शाम को नटेरन से वापस विदिशा आते वक्त सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया।

शहर के किलेअंदर निवासी पटवारी 35 वर्षीय अंकित वधावन नटेरन तहसील में पदस्थ थे। वह नटेरन ब्लाक में पटवारी संघ के अध्यक्ष भी थे। शनिवार की शाम को नटेरन से वापस लौटने के दौरान सामने से आ रहे पेट्रोल टैंकर से उनकी कार की टक्कर होने से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी पटवारी शिवानी वधावन भी नटेरन तहसील में ही पदस्थ हैं, शनिवार अवकाश होने के कारण अंकित अकेले ही नटेरन गए हुए थे। आरोप हैं कि तहसीलदार सोनी ने ही उन्हें बुलाया था। पटवारियों ने बताया कि शुक्रवार को एडीएम ने बैठक ली थी। इसके बाद शाम को करीब 5 बजे अंकित की कार से उनकी पत्नी पटवारी शिवानी सहित अन्य पटवारी वापस विदिशा आ रहे थे। करारिया के आसपास तहसीलदार सोनी ने उन्हें फोन पर धमकाया और कहा कि बगैर मुझसे पूछे आप कैसे चले गए। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी शिवानी सहित अन्य पटवारियों को किसी के ट्रेैक्टर से विदिशा पहुंचाया और स्वयं वापस नटेरन चले गए। इसके बाद वह बहुत परेशान थे। शनिवार को अवकाश होने के बाद भी वह नटेरन गए थे और वापसी के दौरान सड़क दुर्घटना हो गई।

चार घंटे तक किया प्रदर्शन

सुबह स्थानीय मेडिकल कालेज में अंकित का पोस्टमार्टम होना था इसी दौरान जिलेभर के पटवारी वहां एकत्रित हो गए और तहसीलदार सत्यनारायण सोनी पर एफआईआर दर्ज कर निलंबित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। मप्र राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। करीब 4 घंटे तक धरना प्रदर्शन के बाद पटवारियों ने डिप्टी कलेक्टर तन्मय वर्मा को ज्ञापन सौंपा, जब तक प्रकरण दर्ज नहीं होगा तब तक काम का बहिष्कार करने की बात कही गई है। पटवारी तुरंत ही सभी वाट्सएप ग्रुपों से बाहर हो गए । इस मौके पर मृतक का भाई आशीष वधावन, पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज बघेल, राजकुमार श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष परसुराम दुबे सहित एसडीएम गोपाल वर्मा, सीएसपी विकास पाण्डेय, तीनों थानों के थाना प्रभारियों के साथ ही पुलिस बल मौजूद रहा।

पटवारी की मां ने भी दिया आवेदन

घटना के बाद मृतक के स्वजनों में भी खासा गुस्सा है। पटवारी की मां श्यामा वधावन ने करारिया टीआई के नाम दिए आवेदन में बताया कि 28 सितंबर को उसका स्वास्थ्य खराब था। उसी दिन बेटे का जन्म दिन भी था, लेकिन तहसीलदार ने छुट्टी नहीं दी। आरोप लगाया है कि कार्यालय के कार्यो के अलावा घर के काम और व्यक्तिगत काम भी कराते थे। उन्होंने बेटे को निलंबित करने की धमकी दी थी। वह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से करते थे। इसलिए उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए।

तहसीलदार का आडियो भी वायरल

घटना के बाद एक आडियो तेजी से वायरल हुआ है जिसमें तहसीलदार एक पटवारी को बुरी तरह से असभ्य भाषा में डांटते हुए सुनाई दे रहे हैं। वह पटवारी को गाली देते सुनाई दे रहे हैं। पटवारियों का कहना था कि काम का अत्यधिक दबाव के बाद अधिकारियों का इस तरह का बर्ताव हम लोगों का तनाव बढ़ा रहा है।

पहले भी विवादों में रह चुके तहसीलदार

तहसीलदार सत्यनारायण सोनी पहले से ही जिले में विवादित रहे हैं। साल 2020 में जब वह शमशाबाद में तहसीलदार थे तब बगैर बताए तीन दिन मुख्यालय से गायब रहने के कारण कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव के आदेश पर कलेक्टर ने उन्हें निलंबित किया गया था। जिले की लटेरी तहसील के बाद वह शमशाबाद और विदिशा में अटैच रहे हैं। वर्तमान में वह नटेरन तहसील में पदस्थ हैं।

घटना वाले दिन मैंने नहीं बुलायाः तहसीलदार

इधर तहसीलदार सत्यनारायण सोनी ने नवदुनिया को बताया कि 1 अक्टूबर को अंकित अपनी गाड़ी ठीक कराने का बोलकर घर से निकला था। इसके बाद शाम को सड़क दुर्घटना हुई है। उन्होंने बताया कि शनिवार को उन्होंने नहीं बुलाया था। इसके एक दिन पहले शुक्रवार को एडीएम ने पटवारियों की बैठक ली थी। इसके बाद करीब 3 बजे यह लोग विदिशा चले गए थे। जब मैने अंकित को फोन किया तो वह बोला हम लोग करारिया तक आ गए हैं, जरूरी काम हो तो वापस आऊं, तो मैंने उसे बुलाया और समझाया कि दोपहर में 12 बजे आओगे और चार बजे चले जाओगे तो काम कैसे चलेगा। कोई अभद्रता नहीं की गई। रही बात काम के दबाव की तो सभी पर दबाव है और सभी को काम करना पड़ रहा है। अंकित की मौत पर मुझे भी दुःख है। वह बहुत इंटेलिजेंट था। वहीं आडियो मामले में तहसीलदार का कहना है कि वह पांच माह पुराना आडियो है। एक किसान ने सीएम हेल्पलाइन में सीमाकन नहीं होने की शिकायत की थी। तब पटवारी को पुलिस लेकर सीमाकन कराने भेजा था, लेकिन जब पटवारी चर्चा की तो वह बिना बताए बासौदा में था। जबकि फरियादी मेरे पास खड़ा था। इस बात पर उसे डांट दिया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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