AFMS ceremony: कोरोना वायरस महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के चलते आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज पुणे (AFMC Pune) में बेहद अलग माहौल में कमिशनिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस सेरेमनी में 103 मेडिकल ग्रेजुएट को कमीशन प्रदान कर आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विसेस (AFMS) में शामिल किया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल आर.एस. ग्रेवाल इस कमिशनिंग सेरेमनी के मुख्य अतिथि थे। इस दौरान AFMC के निदेशक व AFMC के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नरदीप नैथानी भी मौजूद थे।

कमिशनिंग सेरेमनी के बारे में AFMC ने बताया कुल 134 स्टूडेंट्स ने यहां MBBS की फाइनल परीक्षा पास की। इनमें 5 विदेशी छात्र भी थे। फाइनल परीक्षाएं 2019 में शीतकालीन सत्र में आयोजित की गई थी। इनमें से 103 स्टूडेंट्स को कमीशन देकर आर्म्ड फोर्सेस में शामिल किया गया। 80 स्टूडेंट्स को आर्मी में प्रवेश मिला, 12 को एयर फोर्स में और 11 को नेवी में प्रवेश दिया गया है। इनमें 83 पुरुष ऑफिसर हैं, जबकि 20 महिला ऑफिसर हैं।

मेडिकल कैडेट लेफ्टिनेंट अखिल मैथ्यू (B 3 बैच को इस बार कमाडिंग परेड की अगुवाई करने का गौरव हासिल हुआ। लेफ्टिनेंट जनरल आर.एस. ग्रेवाल कमिशनिंग सेरेमनी की परंपरा के मुताबिक सफलता प्राप्त मेडिकल कैडेट्स को मेडल, ट्रॉफी और प्राइज दिए। इस साल प्रतिष्ठित राष्ट्रपति मेडल मेडिकल कैडेट फ्लाइंग ऑफिसर शांतनु खन्ना को मिला। जबकि कलिंगा ट्रॉफी और मेजर जनरल एनडीपी करणी ट्रॉफी मेडिकल कैडेट एम. श्री सरन को मिली।

बता दें कि AFMC देश के शीर्ष मेडिकल शिक्षा संस्थानों में से है। महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस की पिछली MBBS फाइनल परीक्षा में AFMC ने 99.25 प्रतिशत रिजल्ट हासिल किया था।

बहरहाल बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस बार AFMC ने इस वार्षिक कमिशनिंग सेरेमनी के लिए ग्रेजुएट हुए छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को नहीं बुलाया गया था। सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करते हुए ये फैसला लिया गया। हालांकि कॉलेज की ओर से इसकी जानकारी सभी स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों को दे दी थी। सेरेमनी की परंपरा बनी रहे इसलिए इसमें सीनियर आर्म्ड फोर्सेस अधिकारी, आवश्यक कॉलेज स्टाफ और कुछ चुनिंदा मेडिकल कैडेट शामिल रहे।

Posted By: Rahul Vavikar

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