CBSE Board Exams 2020: देश में बढ़ते Covid-19 के मामलों के मद्देनजर CBSE द्वारा बची हुई परीक्षाएं रद्द किए जाने के आसार बन रहे हैं। CBSE सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है और इस मामले में सोमवार तक फैसला होने की संभावना है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का रुख फिलहाल साफ है कि वह कोरोना के संक्रमण के बीच छात्रों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डालेगा। लेकिन इस पर कोई भी अंतिम फैसला स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की राय के बाद ही लिया जाएगा।

पिछले महीने जारी कार्यक्रम के अनुसार CBSE की 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 1 जुलाई से होनी है। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर पैरेंट्स बोर्ड पर बची हुई परीक्षाएं रद्द करने का दबाव बना रहे हैं। अभिभावकों के साथ ही अब दिल्ली, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी जुलाई में प्रस्तावित सीबीएसई की परीक्षाओं को रद करने की मांग उठने लगी है। मानव संसाधन विकास मंत्री की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ अगले एक-दो दिनों में अहम बैठक होनी है। इसके बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो सीबीएसई सहित जुलाई में प्रस्तावित सभी परीक्षाओं को लेकर मंत्रालय में लंबी चर्चा हुई है। इसमें फिलहाल सीबीएसई की परीक्षाओं को स्थगित करने को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन मंत्रालय इस पर निर्णय से पहले स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की सलाह भी लेना चाहता है।

सीबीएसई के एक अधिकारी के अनुसार बोर्ड के पास दो बेहतर विकल्प हैं। वह परीक्षा रद्द कर स्टूडेंट्स को एवरेज मार्क प्रदान करें या फिर परीक्षा को वैकल्पिक बना दिया जाए। जो स्टूडेंट्स परीक्षा नहीं देना चाहें, उन्हें एवरेज मार्किंग की जाए।

परीक्षा रद्द हुई तो ऐसे हो सकते हैं विकल्प:

CBSE बचे हुए विषयों में उन विषयों के एवरेज स्कोर के आधार पर मार्क्स देगी जिनकी परीक्षाएं ली जा चुकी हैं।

बोर्ड् स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल होने या न होने का विकल्प चुनने का मौका दे सकता है।

स्टूडेंट्स को बचे हुए पेपर्स में इंटरनल असेसमेंट के आधार पर मार्क्स दिए जा सकते हैं।

बोर्ड इन परीक्षाओं को सितंबर-अक्टूबर में आयोजित कर सकता है।

नीट, जेईई मेंस परीक्षाओं को आगे बढ़ाए जाने की संभावना:

वहीं विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं सहित नीट, जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा। हालांकि इन परीक्षाओं की तारीखें सितंबर-अक्टूबर तक बढ़ाई जाएंगी।

Posted By: Kiran K Waikar

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