CBSE curriculum: पाठ्यक्रम में कटौती पर उठे विवाद के बीच सीसबीएसई ने सफाई दी है। बोर्ड का कहना है कि पाठ्यक्रम में कटौती सिर्फ इस साल के लिए की गई है और हटाए गए हिस्से से कोई प्रश्न परीक्षा में नहीं पूछा जाएगा। पाठ्यक्रम में 30 फीसदी की यह कटौती सिर्फ परीक्षाओं के नजरिए से की गई है, ना कि इसे पाठ्यक्रम से पूरी तरह हटाया गया है। सभी स्कूलों से कहा गया है कि वह परीक्षाओं के नजरिए से हटाए गए इन पाठ्यक्रमों को जब भी और जैसे समय मिले, छात्रों को पढ़ाने की कोशिश करें। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि चैप्टरों को हटाने का फैसला एक कमेटी ने लिया है। यह कटौती इसी साल के लिए है। साथ ही जो भी चैप्टर हटाए गए हैं, वह यह देखकर हटाए गए हैं कि छात्र उसे पहले भी पढ़ चुके हैं।

बता दें CBSE ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में 30 फीसद तक कमी की है। इन कक्षाओं के जो चैप्टर हटाए गए हैं, उनमें राष्ट्रवाद, नागरिकता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिक अधिकार, फूड सिक्योरिटी शामिल हैं। इस पर राजनीति शुरू हो गई है। ममता बनर्जी, शशि थरूर और शरद यादव जैसे विपक्षी नेताओं ने फैसले को अलोकतांत्रिक और एकतरफा बताया है। वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस Taapsee Pannu ने भी नाखुशी जाहिर की है। पढ़िए प्रतिक्रियाएं और CBSE का पक्ष।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, जिन लोगों ने इन चैप्टरों को हटाने का फैसला लिया है, उनके इरादों पर शक होता है। क्या सरकार को लगता है कि ये चैप्टर आज की पीढ़ी के लिए सबसे बुरे हैं? मेरी सरकार से अपील है कि पाठ्यक्रम को तर्कसंगत बनाया जाए। इसी तरह कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस फैसले को असंवैधानिक, लोकतंत्र के साथ क्रूर मजाक और निंदनीय बताया।

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मैं यह सुनकर हैरान हूं कि केंद्र सरकार ने नागरिकता, धर्मनिरपेक्षता जैसे विषयों को CBSE के पाठ्यक्रमों में कटौती के नाम पर हटा दिया है। मैं इस फैसले का विरोध करती हूं और मानव संसाधन विकास मंत्रालय और केंद्र सरकार ने मांग करती हूं कि ऐसे जरूरी पाठ्यक्रमों पर रोक नहीं लगनी चाहिए।

सरकार के फैसले का विरोध करने में वामदल भी पीछे नहीं रहे। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने अपने ट्वीट में लिखा, सरकार अपना एजेंडा लागू करने के लिए पाठ्यक्रम से कुछ चुनिंदा विषय हटा रही है। यह भारत की विविधता में एकता की भावना के विरुद्ध है।

लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने कुछ खास चैप्टर हटाने को एकतरफा और अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा, पाठ्यक्रम में कटौती पर निर्णय लेने के पहले सरकार को राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों से विचार विमर्श करना चाहिए था। मायावती की पार्टी बसपा के सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी फारवर्ड्स पर आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करना चाहती है।

Taapsee Pannu की प्रतिक्रिया: एक्ट्रेस Taapsee Pannu ने लिखा, वाह, वाह, क्या कोई आधिकारिक घोषणा हुई है इस बारे में जिसे मैंने मिस कर दिया? या भविष्य में अब इसकी जरूरत नहीं है।

Posted By: Arvind Dubey

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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