CoronaVirus effect: कोरोना वायरस के कारण पूरे देश भर में लॉकडाउन है। फिलहाल 14 अप्रैल 2020 तक पूरे देश में लॉक डाउन है। कुछ राज्यों में कर्फ्यू लागू है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के बाद अब पुडुचेरी स्कूल शिक्षा निदेशालय (DSEP) ने भी बड़ा फैसला किया है। DSEP ने पहली कक्षा से 9वीं कक्षा के छात्रों की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। इसके साथ ही इन कक्षाओं के बच्चों को सीधे अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के बीच सरकारें लगातार स्कूली शिक्षा को लेकर बड़े फैसले ले रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के स्कूल शिक्षा निदेशालय (DSEP) पहले ही 31 मार्च 2020 तक सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा कर चुका है। अब DSEP ने पहली से 9वीं कक्षाओं की परीक्षाएं निरस्त करने का फैसला किया है। इसके साथ ही निदेशालय ने 9वीं कक्षा तक के सभी बच्चों को उत्तीर्ण घोषित करते हुए उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश देने का निर्देश जारी किया है। यानी पहली से 9वीं कक्षा तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन दिया गया है। बता दें कि निदेशालय का ये फैसला राज्य के चारों जोन पुडुचेरी, कराईकल, माहे एवं यमन के लिए लागू होगा।

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय विद्यालय संगठक (KVS) ने भी पहली से 8वीं कक्षाओं तक के बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का फैसला किया। KVS ने कहा कि इन बच्चों ने चाहे परीक्षाएं दी हों या नहीं दी हों, सभी स्थितियों में इन बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। KVS ने ये भी कहा कि ऐसे सभी बच्चों की फीस का सत्यापन भी नियमानुसार किया जाएगा।

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते KVS ने 31 मार्च 2020 तक केंद्रीय विद्यालयों में परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद पूरे देश में 21 दिनों का यानि 14 अप्रैल 2020 तक लॉक डाउन रहेगा। इसके अलावा लगभग सभी राज्यों के शिक्षा बोर्डों ने भी परीक्षाएं स्थगित कर दी है।

CoronaVirus update: यहां दिया गया जनरल प्रमोशन

कोरोना वायरस के चलते सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कक्षा पहली से 8वीं तक के बच्चों को जनरल प्रमोशन देने की घोषणी की थी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने 8वीं कक्षा तक के बच्चों को बिना पेपर दिए अगली कक्षा में भेजने का फैसला किया। फिर हरियाणा में भी 8वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स को जनरल प्रमोशन देने का फैसला किया गया। मध्यप्रदेश में पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों को मासिक व अर्द्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन कर अगली कक्षाओं में प्रवेश देने का फैसला हुआ। इसी तरह गुजरात में पहली से 9वीं क्लास तक और 11वीं क्लास के बच्चों को प्रमोट करने का फैसला किया गया है।

Posted By: Rahul Vavikar