CoronaVirus Lockdown: कोरोना वायरस महामारी और पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति के कारण स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी पिछले कई दिनों से बंद है। अधिकांश जगह परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। नए सत्र में स्कूल-कॉलेज शुरू नहीं हुए हैं, ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विशेष पहल करते हुए ऑनलाइन एक्टिविटी की सूची जारी की है। इन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए हैं जिसके जरिए शिक्षक, स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स पढ़ाई कर सकते हैं।

इतनी ही नहीं UGC ने परीक्षाओं और अकादमिक कैलेंडर के पालन और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दो समितियों का गठन किया है। UGC के अध्यक्ष डीपी सिंह ने कहा कि हमने छात्र-छात्राओं के लिए 2 समितियां बनाई है। छात्र अपनी परीक्षा को लेकर चिंतित हैं। लेकिन हम उनकी पूरी देखभाल कर रहे हैं। उन्हें उच्च कक्षाओं में एडमिशन लेना है इसलिए हम परीक्षा और अकादमिक कैलेंडर का ध्यान रख रहे हैं। ये समितियां इस पर ही काम करेंगी। ये समिति अगले सप्ताह हमें रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। हम HRD मंत्रालय से सलाह के बाद विश्वविद्यालयों के लिए दिशा निर्देश जारी करेंगे।

UGC अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। छात्र-छात्राएं, शिक्षक, कॉलेज-यूनिवर्सिटी प्रबंधन सभी संभवत: पहली बार इस तरह की स्थिति से गुजर रहे हैं। समय की जरुरत यही है कि हम ऑनलाइन शिक्षा और ई-शिक्षा को बढ़ावा दें। हम अपनी ओर से सभी प्रयास कर रहे हैं ताकि बच्चों का नुकसान ना हो।

UGC द्वारा गठित ये एक्सपर्ट कमेटी ऑनलाइन टीचिंग, ई लर्निंग को और बेहतर करने के लिए उम्दी सुझाव भी देगी। इसके तहत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 'भारत पढ़े ऑनलाइन" अभियान के तहत शिक्षाविदों, शिक्षकों से सलाह भी मांगी है। UGC की कोशिश है कि ऑनलाइन शिक्षा में जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जा सके और बच्चों को बेहतर से बेहतर विकल्प उपलब्ध कराया जा सके।

Posted By: Rahul Vavikar

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