Education News: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों को राहत दी है। यूजीसी ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा है कि स्टूडेंट्स द्वारा दाखिला वापस या रद्द करने पर पूरी फीस वापस लौटा दें। यूजीसी ने कहा, 'अगर छात्र 31 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2022 के बीच अपना एडमिशन वापस लेते हैं, तो एक हजार रुपये से अधिक की कटौती के बाद पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।' यूजीसी ने ये निर्णय अभिभावकों द्वारा वित्तीय परेशानियों से बचने के लिए लिया है।

कोविड के कारण लिया गया फैसला

कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी की रिफंड पॉलिसी के अनुसार जो अगस्त से सितंबर के बीच शैक्षणिक सत्र शुरू कर रहे हैं। क्लासेस शुरू होने के एक माह बाद छात्रों को एडमिशन रद्द होने की स्थिति में रिफंड नहीं मिलेगा। CUET-UG के एग्जाम 20 अगस्त को खत्म हो रहे हैं। रिजल्ट 15 दिन बाद आने की संभावना है।

जब तक केंद्रीय विश्वविद्यालय और अन्य कोर्स में भाग लेने वाले यूनिवर्सिटी में एडमिशन शुरू नहीं होगा। तब तक रिफंड विंडो समाप्त हो जाएगी। यूजीसी ने 16 जुलाई 2021 को दिशा-निर्देशों में शैक्षणिक साल 2021-22 के दौरान छात्रों के प्रवेश के कारण शुल्क की वापसी के लिए पॉलिसी बनाई गई थी।

इससे पहले यूजीसी ने 12 जुलाई 2022 को उच्च शिक्षण संस्थानों से सीबीएसई और आईसीएसई 12वीं के रिजल्ट घोषित होने के बाद अपने ग्रेजुएट एडमिशन की अंतिम तारीख तय नहीं करने का अनुरोध किया था। हालांकि अब बोर्ड ने नतीजे जारी कर दिए हैं।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कहा है कि एडमिशन अक्टूबर तक जारी रह सकते हैं। यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को कोविड संबंधी कारणों के मद्देनजर फीस वापसी के संबंध में निर्देशों का अनुपालन करने को कहा है।

Posted By: Shailendra Kumar

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