CBSE 10th, 12th: इस समय परीक्षाओं का दौर चल रहा है और इस समय बच्चे काफी तनाव में रहते हैं। पढ़ाई के दबाव में बच्चे अक्सर तनाव में घिर जाते हैं और एग्जाम फीवर की चपेट में आ जाते हैं। पढ़ाई के लिए देर रात तक जागने और सुबह जल्दी उठने के लिए बच्चे चाय-कॉफी और जंक फूड अधिक खाते हैं, इससे उनकी सेहत बिगड़ने का खतरा रहता है। ऐसे में पढ़ाई के साथ-साथ इस समय बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना जरूरी होता है। बच्चों के लिए ऐसी डाइट प्लान करना होती है जिससे वे स्वस्थ रहे और उनपर तनाव हावी ना हो।

ऐसा हो सुबह का नाश्ता

कई बच्चे सुबह का नाश्ता नहीं करते, जिससे उनमें उत्साह की कमी नजर आती है। बच्चों के लिए सुबह का नाश्ता बहुत जरूरी है क्योंकि इससे हेल्दी दिन की शुरुआत होती है। नाश्ते में दलिया, अंडा, उपमा, ओट्स, कॉर्नफ्लेक्स शामिल किए जा सकते हैं। ये सभी विकल्प हेल्दी होने के साथ ही बच्चे को दिन पर एनर्जेटिक बनाए रखते हैं।

मिड मील भी दें

नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच बच्चों को भूख लगती है, ऐसे में बच्चों को चिप्स, बिस्किट देने की बजाए मौसमी फल दिए जा सकते हैं। इससे बच्चों की एनर्जी बरकरार रहती है और उनके विटामिन्स और मिनरल्स की जरुरत पूरी होगी।

दोपहर का खाना ऐसा हो

बच्चो को दोपहर का खाना फिक्स टाइम पर ही दें और दोपहर दो बजे से पहले लंच जरुर दे दें। दोपहर के खाने में बच्चे को दाल-चावल, सब्जी-रोटी, सलाद और दही दे सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि खाना स्पाइसी और मसालेदार ना हो। हल्का और हेल्दी खाना इन दिनों बच्चों के लिए फायदेमंद होता है। इस बात का भी ख्याल रखें कि खाने के तुरंत बाद बच्चों को पढ़ने के लिए ना कहें। कम से कम 15-20 मिनट वॉक के बाद उन्हें पढ़ने का कहें।

शाम का नाश्ता

सुबह के नाश्ते की तरह बच्चों के लिए शाम का नाश्ता भी जरूरी है। शाम के समय बच्चों को गर्म दूध या कम पत्ती वाली चाय दी जा सकती है। इसके साथ ब्राउन ब्रेड, सेंडविच, बिस्किट्स भी दिए जा सकते हैं।

रात में हल्का खाना

रात में बच्चों को हल्का और पौष्टिक खाना दिया जा सकता है। इससे बच्चे को पढ़ाई के दौरान आलस नहीं होगा। हैवी खाना देने से बच्चों को नींद आएगी। रात के खाने में रोटी-दाल, सब्जी, सलाद, सूप, खिचड़ी, ग्रिल्ड चिकन या फिश जैसे हेल्दी फूड दिए जा सकते हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान

- बच्चे की दिनचर्या ऐसी तय करें कि उन्हें 8 घंटे की नींद मिल सके। नींद पूरी नहीं होने पर बच्चों पर थकान और आलस हावी होगा।

- पढ़ाई के लिए अत्याधिक दबाव नहीं दें। इसके उलट बच्चों का तनाव दूर करने की कोशिश करें। खाने के ब्रेक के दौरान का समय इसके लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

- बच्चे के खान-पान को लेकर विशेष सतर्कता बरतें नहींं तो बच्चों में अक्सर एग्जाम फीवर हावी होता है और इससे परीक्षाओं में वे अच्छा नहीं कर पाते।

- बच्चे के डाइट में ड्रायफ्रूट्स जैसे -अखरोट, बादाम, पिस्ता और काजू शामिल करें। इनमें मौजूद मिनरल्स से बच्चों के दिमाग का पोषण होता है।

- परीक्षा के दौरान बच्चों को बाहर का खाना देने से इंफेक्शन का खतरा होता है।

Posted By: Rahul Vavikar

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