Karnataka SSLC Exams 2020: कोरोना वायरस संक्रमण के बीच कर्नाटक में गुरुवार से 10वीं यानि SSLC (Secondary School Leaving Certificate) परीक्षा शुरू हो गई। बता दें कि कर्नाटक माध्यमिक शिक्षा परीक्षा बोर्ड (KSEEB) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के करीब साढ़े 8 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। हालांकि परीक्षा आयोजन को लेकर कई जगह विरोध भी हुए, लेकिन आखिरकार परीक्षाएं आयोजित की जा रही है। सभी परीक्षा केंदों पर थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क से लेकर सेनेटाइजर के अलावा अन्य सभी तरह की तैयारियां की गई थी।

प्रदेश के 2879 सेंटरों में हो रही इस परीक्षा में 8 लाख 48 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। ऐसे में KSEEB ने इसके लिए व्यापक तैयारियां की। राज्य के कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो रहें हैं, ऐसे में इन छात्रों के लिए अलग से कमरों की व्यवस्था की गई है। सरकार पहले ही परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दे चुकी थी। ऐसे में सभी छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई। परीक्षार्थियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था, इसके अलावा जो छात्र मास्क पहनकर नहीं आए, उन्हें परीक्षा केंद्रों पर मास्क उपलब्ध कराए गए। साथ ही हैंड सेनेटाइजर भी उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा परीक्षा कक्षा में विद्यार्थियों के बीच पर्याप्त दूरी का भी ख्याल रखा गया। दरअसल सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी निर्देश दिए थे। बता दें कि SSLC (10वीं कक्षा) की ये परीक्षाएं 5 जुलाई 2020 तक चलेंगी।

बता दें कि राज्य सरकार के निर्देश के बाद परीक्षा केंद्रों पर कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर पिछले एक सप्ताह से तैयारियां की गई थी। सेनेटाइजर से लेकर मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए स्कूलों में परीक्षा कक्षों की संख्या बढ़ाई गई। एक कक्ष में केवल 20 छात्रों को ही परीक्षा के लिए बिठाया गया।

इधर परीक्षा के मद्देनजर एक दिन पहले राज्य के चिकित्सीय शिक्षा मंत्री डॉ. के सुधाकर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारियों की समीक्षा की। वहीं राज्य के शिक्षा मंत्री एस. सुरेश कुमार परीक्षा के दौरान बेंगलुरु के कुछ परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था की जांच की।

शिक्षा मंत्री के खिलाफ FIR की मांग को लेकर याचिका

इधर इन परीक्षाओं को आयोजन को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री एस. सुरेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता आदर्श अय्यर ने कहा कि इन परीक्षाओं के आयोजन से शिक्षा मंत्री ने लाखों छात्रों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। वे अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस परीक्षा आयोजन को अपनी सफलता के रुप में प्रदर्शित करना चाह रहे हैं।

Posted By: Rahul Vavikar

  • Font Size
  • Close