MP Board 10th Result 2020 Date and Time: माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं का रिजल्ट आज जारी किया गया है मुझे यह रिजल्ट 62.85 प्रतिशत रहा। इसमे 60.09 प्रतिशत छात्र व 65.87 छात्रों ने सफलता अर्जित की। इस बार 15 छात्रों ने 100 फीसदी अंक हासिल किए। प्रदेश में नीमच जिले का परक्षा परिणाम 79.13 प्रतिशत सर्वाधिक रहा। दूसरे स्थान पर देवास 78 प्रतिशत व तीसरे स्थान पर मंदसौर 75.53 प्रतिशत रहा। सूचीमे भोपाल 29 वे स्थान पर 64.05, इंदौर 10 वे 68.32 प्रतिशत, 33 वे स्थान पर जबलपुर 61.53 प्रतिशत और ग्वालियर 34 वे स्थान पर 59.98 प्रतिशत पर रहा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कह चुके हैं कि MP Board 10वीं की मेरिट लिस्ट बनाते समय केवल उन परीक्षाओं को आधार बनाया गया है जो मार्च 2020 के महीने में कोरोना महामारी और लॉकडाउन लगने के पहले पूरी कर ली गई थी। MP Board की 10वीं की जितनी परीक्षाएं मार्च के महीन में आयोजित हो गईं थी, उन्हीं के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जा रहा है और मेरिट लिस्ट भी उसी आधार पर तैयार की गई हैं।

ऐसे चेक कर सकेंगे अपना रिजल्ट

  1. MP Board की वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर जाएं।
  2. यहां 10th Result की लिंक पर क्लिक करें
  3. अपने एडमिट कार्ड की डिटेल्स और अन्य जानकारी दर्ज करें।
  4. सबमिट बटन पर क्लिक करें और अपना रिजल्ट चेक करें
  5. प्रिंट पर क्लिक कर अपने रिजल्ट की प्रति भी सेव करें।

MP Board 10th Result Toppers List

MP Board 10th Revaluation Date: MP Board के नियमों के अनुसार, रिजल्ट घोषित होने के 15 दिनों के अंदर छात्र पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका की कॉपी देखने के लिए आवेदन कर सकते हैं। पुनर्गणना के लिए प्रति विषय 100 रुपए तथा पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका की कॉपी के लिए प्रति विषय 500 रुपए शुल्क निर्धारित है। पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन का रिजल्ट जून में ही घोषित कर दिया जाएगा। यदि अंकों में कोई बदलाव आता है तो नई मार्कशीट जारी की जाएगी। रिजल्ट जारी होने के बाद सप्लीमेंट्री की परीक्षा तिथि घोषित होगी। माना जा रहा है कि यदि जून के पहले हफ्ते में रिजल्ट घोषित होता है तो जुलाई के पहले हफ्ते में सप्लीमेंट्री की परीक्षा तिथि घोषित की जा सकती है, जिसका रिजल्ट 15 अगस्त के आसपास घोषित किया जा सकता है।

जानिए पिछले साल कैसा रहा था रिजल्ट (MP Board 10th Result 2019): पिछले साल MP Board 10वीं की परीक्षा में 11,32,319 छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया था। इनमें 9,90,546 रेग्युलर स्टूडेंट्स थे। तब उत्तीर्ण होने वाले छात्रों का प्रतिशत 61.32 रहा था। 59.15 फीसदी लड़के उत्तीर्ण हुए थे और 63.69 फीसदी पास परसेंटेज के साथ लड़कियों ने बाजी मारी थी।

MP Board 10th Results 2020 छात्रों के लिए जरूरी टिप्स (MP Board 10th Results 2020 Important tips for Students):

परिणाम को स्वीकार करें: अधिकांश मामलों में छात्र को पता होता है कि उसका रिजल्ट क्या आने वाला है? हालांकि कुछ मामलों में अपना खराब रिजल्ट देख बच्चे शॉक रह जाते हैं। बच्चों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपना रिजट्ल स्वीकार करें।

हताश न हों: उम्मीद के मुताबिक, रिजल्ट नहीं आने पर बच्चों को हताश नहीं होना चाहिए। मन में जिस भी तरह के विचार आ रहे हों, तो अपने दोस्त, भाई-बहन या माता-पिता को जरूर बताना चाहिए। कोई भी बात मन में नहीं रखना चाहिए। इससे घुटन होगी और मन की बात बता देंगे तो हल्का महसूस करेंगे।

आत्मविश्लेषण करें और मेहनत में जुट जाएं: रिजल्ट खराब आने से जिंदगी खत्म नहीं हो जाती। कहां कमी रह गई इसका आत्मविश्लेषण करते हुए आगे बढ़ जाना चाहिए। Revaluation और सप्लिमेंट्री जैसे विकल्प मौजूद हैं।

खुद को कभी भी कम न आंकें: एक रिजल्ट खराब आने से आप कहीं कम नहीं हो गए। अपने माता-पिता और दोस्तों के लिए आप अब भी बहुत खास हैं। इसलिए आत्मविश्वास पैदा करें, और आगे बढ़े। आगे क्या करना है, यह स्पष्ट कर लेंगे तो यह बुरा वक्त अपनेआप गुजर जाएगा।

MP Board 10th Results 2020 पेरेंट्स के लिए जरूरी टिप्स (MP Board 10th Results 2020 Important tips for Parents):

बच्चों का जो भी रिजल्ट आए, उन पर नाराज न हों: माता-पिता के लिए जरूरी है कि रिजल्ट खराब आने पर धैर्य बनाए रखें। आपके बच्चे के लिए भी यह मुश्किल समय है। ऐसे में उसका साथ दें। उस पर गुस्सा होकर हालात को बिगाड़े नहीं।

बच्चों से कभी भी निगेटिव होकर बात न करें: ऐसे समय में बच्चे को पॉजिटिविटी की जरूरत है। माता-पिता निगेटिव बात करेंगे तो बच्चे का दिल और हिम्मत और टूट जाएंगे। इसलिए उसके सामने सकारात्मक बातें करें ताकि वह इस समय की उलझन से बाहर निकल सके।

अपनी उम्मीद उन पर न थोपें: अधिकांश माता-पिता हायर परसेंजेट के लिए बच्चों पर दबाव बनाकर रखते हैं। उनकी बड़ी-बड़ी उम्मीद बच्चों पर बोझ बन जाती है। ऐसे में जब रिजल्ट खराब आता है तो बच्चों को सबसे ज्यादा डर माता-पिता का ही लगता है। अभिभावक ऐसी कोई बात न कहें कि बच्चे उनके सामने आने से ही हिचकिचाएं।

अगर अंक कम मिले हैं तो तुरंत रिएक्ट न करें: बच्चे को कम मार्क्स आए हैं तो माता-पिता को पहले एक दो दिन कोई रिएक्शन नहीं देना चाहिए। दो-तीन दिन बाद बच्चे के साथ बैठकर बात करें। इससे उसे अच्छा महसूस होगा और आगे की दिशा भी मिलेगी।

दोस्तों या भाई-बहन से उनके मार्क्स की तुलना न करें: ऐसे मुश्किल समय में बच्चे की दूसरों से तुलना बहुत भारी पड़ सकती है। यहां तक कि परिवार में ही बहन या भाई हैं तो उसके नतीजे से तुलना भी न करें। इससे बच्चे के मन में और हीन भावना आएगी और वह गलत कदम उठा सकता है।

एक्टिविटी पर नजर रखें और हर समय साथ रहें: बच्चे का रिजल्ट खराब आया है तो उस पर नजर रखने की भी जरूरत होती है। शुरू के एक दो दिन वह कहां जा रहा है, सोशल मीडिया पर क्या सर्च कर रहा है, किन लोगों से बात कर रहा है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। यह काम इस तरह किया जाए कि उसे पता न चले।

यह भी पढ़ें: ऐसे चेक करें अपना परिणाम (How to check MP Board 10th Results)

Posted By: Arvind Dubey

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Raksha Bandhan 2020
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