MP Board class 12th Result 2020 : रवीन्द्र सुहाने, जबलपुर/सतना। सतना की दिव्यांग छात्रा कीर्ति की दोनों आंखों में महज 25 फीसद ही रोशनी है, लेकिन आज जब माध्यमि​क शिक्षा मंडल ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट घोषित किया तो कीर्ति ने अपने परिवार ही नहीं ब​ल्कि पूरे जिले का नाम प्रदेश में रोशन कर दिया। कीर्ति पुत्री कविशंकर कुशवाहा कला समूह से प्रियंवदा बिरला उमा विद्यालय सतना की छात्रा रहीं। इन्होंने कला समूह की प्रदेश की टॉप10 सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया है।

छात्रा की मां रश्मि कुशवाहा ने बताया कि कीर्ति जन्म से दिव्यांग है। उसकी एक आंख में बिल्कुल भी रोशनी नहीं है। दूसरी आंख से ही वो 25 फीसद ही देख पाती है। इसके बावजूद बिटिया ने कमाल कर दिया। जिससे उन्हें कीर्ति पर गर्व हो रहा है।

एक साल से काम धंधा बंद

कीर्ति की मां रश्मि कुशवाहा ने बताया कि उनके पति का छोटा सा टैंट का काम था। दो साल पहले एक्सिडेंट हो गया था। उनके चेहरे की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से कामकाज पूरी तरह ठप है। कीर्ति ने अपनी पढ़ाई जारी रखने बच्चों की ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया था। वह स्वयं अपने घर में रहकर सिलाईकढ़ाई का काम करतीं हैं।

घर में नहीं बिजली का कनेक्शन

रश्मि ने बताया कि उनके घर में बिजली का कनेक्शन नहीं है। आस पड़ोस बिजली लेकर काम चलाते हैं। पिछले साल जुलाई में पैसा नहीं देने से लोगों ने बिजली काट ​दी थी। 181 में शिकायत के बाद अब रात में बिजली जोड़ देते हैं।

आंख कमजोर, दोपहर में पढ़ाई

रश्मि कुशवाहा ने बताया कि कीर्ति की एक आंख में रोशनी नहीं है। दूसरी आंख भी कमजोर है। इसलिए रात में पढ़ाई नहीं करने देते। उन्होंने कहा कि यदि दूसरी आंख भी खराब हो गई तो उनकी परेशानी बढ़ जाएगी।

कलेक्टर से मांगी थी मदद

रश्मि ने बताया कि पिछले साल जुलाई में आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उन्होंने बेटी के साथ जाकर कलेक्टर से फीस माफी की गुहार लगाई थी, लेकिन तत्कालीन कलेक्टर सतेंद्र सिंह ने असमर्थता जाहिर कर दी थी।

शिक्षक बनना चाहती है कीर्ति

कीर्ति ने बताया कि शारीरिक कमजोरी किसी भी लक्ष्य से हमें पीछे नहीं कर सकती। लोगों का कहना था कि तुम नहीं कर पाओगे, लेकिन हमने कमजोरी को दरकिनार कर अपनी पढ़ाई जारी रखी। कीर्ति ने बताया कि पूरी तरह से बिलाइंड जब एक आइएएस बन सकते हैं तो हम क्यों आगे नहीं बढ़ सकते। आगे चलकर शिक्षक बनना चाहती हूं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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