NCERT: भारत के स्कूलों के सिलेबस में 15 साल बाद बदलाव होने जा रहा है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) द्वारा स्कूली शिक्षा पर नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) की अंतरिम रिपोर्ट दिसंबर तक पेश की जाएगी। स्कूली शिक्षा का नया सिलेबस मार्च 2021 तक तैयार हो जाएगा।

स्कूली शिक्षा के NCF पर काम शुरू हो चुका है और इसके अनुसार NCERT स्कूल की किताबों में बदलाव करेगी। हर विषय का विशेषज्ञ इस प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा और दिसंबर तक इसकी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2021 तक नया करिकुलम तैयार हो जाएगा। HRD मंत्रालय ने NCERT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नई किताबें डिजाइन करते वक्त इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि कोर कंटेट शामिल रहना चाहिए। इसके अलावा क्रिएटिव थिंकिंग, लाइफ स्किल्स, आर्ट जैसे अतिरिक्त क्षेत्रों को भी इसमें स्थान मिलना चाहिए। ये किताबें नए करिकुलम के हिसाब से होगी और एनसीईआरटी इनकी डिजाइनिंग और ले आउट का काम पहले ही शुरू कर देगी। अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के सिलेबस और दिनचर्या में यह बदलाव लागू हो जाएगा।

आत्म निर्भर भारत के तहत, PM E-Vidya के लिए एनसीईआरटी Swayam Prabha चैनल्स के लिए कक्षा पहली से बारहवीं तक की सामग्री तैयार करेगी और इन चैनल्स के इस साल अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है।

पांचवीं बार होगा सिलेबस में बदलाव:

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क में इससे पहले चार बार बदलाव किया जा चुका है और बदलाव किए जाने का यह पांचवां मौका होगा। इससे पहले साल 1975, 1988, 2000 और 2005 में NCF में बदलाव किया जा चुका है।

Posted By: Kiran K Waikar

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